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पटना में हाथीखाना मोड़ से नया टोला तक पाइन की उड़ाही अधूरी, जलजमाव का खतरा बरकरार

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पटना में हाथीखाना मोड़ से नया टोला तक पाइन की उड़ाही अधूरी, जलजमाव का खतरा बरकरार
उड़ाही कार्य वर्षों से पड़ा अधूरा

Patna News: (संजय कुमार की रिपोर्ट) राजधानी पटना से सटे दानापुर नगर परिषद क्षेत्र में हाथीखाना मोड़ से नया टोला पुल तक पाइन (बड़ा नाला) की उड़ाही का कार्य वर्षों से अधूरा पड़ा है. हर वर्ष मानसून से पहले नाला उड़ाही के लिए लाखों रुपये का बजट आवंटित किए जाने के बावजूद जमीनी स्तर पर कार्य नहीं होने से स्थानीय लोगों को जलजमाव की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है.

नगर परिषद सूत्रों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2019-20 में हाथीखाना मोड़, नया टोला, सैनिक कॉलोनी और गोला रोड क्षेत्र में नाला उड़ाही के लिए करीब 17,81,829 रुपये की लागत से टेंडर जारी किया गया था, लेकिन कार्य आज तक पूरा नहीं हो सका.

हर साल बजट, लेकिन काम नदारद

स्थानीय लोगों का आरोप है कि हर साल मानसून से पहले नाला उड़ाही के नाम पर राशि आवंटित की जाती है, लेकिन केवल कागजी खानापूर्ति की जाती है. वास्तविक सफाई कार्य धरातल पर नहीं दिखता है.

अतिक्रमण से संकरा हुआ बड़ा नाला

बताया जा रहा है कि लगभग 40 फीट चौड़े इस बड़े नाले पर बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हो चुका है. कई स्थानों पर स्थायी और अस्थायी मकान बना लिए गए हैं. नया टोला क्षेत्र में अपार्टमेंट निवासियों द्वारा नाले को भरकर सड़क बनाने के लिए ईंट-पत्थर डाल दिए जाने से नाला अब लगभग नाली के रूप में सिमट गया है. यह नाला पूरे नगर का गंदा पानी और बारिश का जल लेकर रूपसपुर नहर में गिरता है, लेकिन अतिक्रमण और सफाई के अभाव में जल निकासी बाधित हो रही है.

प्रशासनिक कार्रवाई के निर्देश

वर्ष 2019 की भारी बारिश में दानापुर नगर क्षेत्र में गंभीर जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हुई थी, जिसके बाद जिला प्रशासन ने नालों और आहरों से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे. उस समय तत्कालीन अधिकारियों द्वारा सर्वे और नोटिस भी जारी किए गए थे, लेकिन कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी.

नगर परिषद का बयान

नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (EO) सह प्रशासक पंकज कुमार ने बताया कि नाला उड़ाही कार्य जल्द शुरू कराया जाएगा. उन्होंने कहा कि हाथीखाना मोड़, सगुना गांधी मूर्ति, नया टोला पुल से लेकर सैनिक कॉलोनी तक नाले की सफाई की जाएगी और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई भी की जाएगी. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नाले पर अवैध कब्जा करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा. वर्तमान में हाथीखाना मोड़ क्षेत्र में पोकलेन मशीन से नाला उड़ाही का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है.

स्थानीय लोगों की मांग

स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि नाले की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए और अतिक्रमण पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि हर साल होने वाले जलजमाव से राहत मिल सके.

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मूलतः निखिल अनुराग. पेशे से पत्रकार. बुद्ध की धरती पर जन्म. बिहार का सबसे नवीनतम जिला (अरवल) से ताल्लुक. पढ़ाई की शुरूआत गांव से ही. फिर पलायन कर गंगा के तट पटना पहुंचा. ज्ञान की धरती से कुछ तालीम हासिल कर राष्ट्रीय राजधानी की ओर कूच. पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट ( माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय). नोएडा की धरती पर विद्वतजन से कुछ न कुछ सीखा. करंट अफ़ेयर्स, राजनीति, खेल, अंतरराष्ट्रीय संबंध, गाँव, खेत-किसान पसंदीदा टॉपिक. स्कूल, कॉलेज युनिवर्सिटी में यूथ से गपशप करना एनर्जी का अतिरिक्त स्रोत. साल 2020 में नोएडा से शुरू हुई इस लेखन यात्रा कलम, डेस्कटॉप, लैपटॉप के की-बोर्ड से होते हुए स्मार्ट फोन तक पहुंच गयी. ज्यों-ज्यों उम्र बढ़ रही है, सीखने, पढ़ने, लिखने की भूख भी बढ़ रही है. नोएडा में टीवी न्यूज में काम करने के बाद हिंदुस्तान ग्रूप होते हुए बिहार, झारखंड की सबसे पसंदीदा अखबार प्रभात खबर में कार्यरत. हां एक बात और... पढ़ने-लिखने की जिज्ञासा कभी खत्म नहीं होगी. साहित्य में बेहद दिलचस्पी.
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