पटना से आनंद तिवारी की रिपोर्ट
Patna Mobile Food Testing Van : पटना जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांच को और प्रभावी बनाने के लिए मोबाइल फूड टेस्टिंग वैन का दायरा बढ़ाया जा रहा है. अब यह सुविधा शहर के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों तक पहुंचेगी, जहां लोग दूध, तेल, मसाले, फल, सब्जियां समेत अन्य खाद्य पदार्थों की नि:शुल्क प्रारंभिक जांच करा सकेंगे. विभाग का उद्देश्य मिलावट रोकने के साथ लोगों को खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूक करना है.
Patna Mobile Food Testing Van: अब गांव-गांव पहुंचेगी मोबाइल फूड टेस्टिंग वैन
खाद्य सुरक्षा विभाग ने मोबाइल फूड टेस्टिंग वैन की पहुंच अब पटना जिले के सभी अनुमंडलों और प्रमुख ग्रामीण क्षेत्रों तक बढ़ाने की तैयारी की है. इसके लिए वाहनों की संख्या बढ़ाई जाएगी, ताकि शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भी खाद्य पदार्थों की जांच की सुविधा आसानी से मिल सके.
Patna News: किन खाद्य पदार्थों की होगी मौके पर जांच?
मोबाइल फूड टेस्टिंग वैन में दूध, खाद्य तेल, मसाले, फल, सब्जियां और अन्य खाद्य एवं पेय पदार्थों की प्रारंभिक जांच मौके पर की जाएगी. विभाग के अनुसार जांच के बाद लोगों को तुरंत प्रारंभिक रिपोर्ट भी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे उन्हें खाद्य सामग्री की गुणवत्ता की जानकारी मिल सके.
एफएसएसएआई के दिशा-निर्देश पर चल रही है व्यवस्था
खाद्य सुरक्षा अधिकारी मुकेश जी कश्यप ने बताया कि भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के दिशा-निर्देशों के तहत देशभर में मोबाइल फूड सेफ्टी लैब संचालित की जा रही हैं. इसी व्यवस्था के तहत पटना समेत बिहार के प्रमुख जिलों में भी यह सेवा उपलब्ध कराई गई है.
ग्रामीण क्षेत्रों के लिए बनेगा रोस्टर
विभाग की ओर से मोबाइल वैन के संचालन के लिए रोस्टर तैयार किया जाएगा. निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार टीम विभिन्न थाना क्षेत्रों और ग्रामीण इलाकों में पहुंचकर खाद्य पदार्थों की जांच करेगी. साथ ही लोगों और खाद्य कारोबारियों को मिलावट की पहचान, स्वच्छता मानकों और सुरक्षित खाद्य पदार्थों के चयन के बारे में भी जानकारी दी जाएगी.
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गड़बड़ी मिलने पर होगी नियमानुसार कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा विभाग का कहना है कि यदि जांच के दौरान खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन या मिलावट से संबंधित अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित मामलों में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. कार्रवाई का स्वरूप जांच रिपोर्ट और कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करेगा.
लोगों को भी किया जाएगा जागरूक
मोबाइल वैन केवल जांच तक सीमित नहीं रहेगी. विभाग की टीम लोगों को मिलावट की पहचान करने के आसान तरीके, सुरक्षित खाद्य पदार्थों का चयन और खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों की जानकारी भी देगी. इससे उपभोक्ताओं में जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा.
सरकारी स्कूलों में भी हो रही निगरानी
खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार, मिड-डे मील की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए राजधानी के कई सरकारी विद्यालयों में भी खाद्य पदार्थों की जांच की जा चुकी है. भविष्य में इस अभियान का दायरा और बढ़ाया जाएगा.
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