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पंचायत प्रतिनिधि कार्य मैनुअल के खिलाफ आक्रोशित

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पंचायत प्रतिनिधि कार्य मैनुअल के खिलाफ आक्रोशित

मुखिया महासंघ ने फूंका पंचायती राज विभाग के खिलाफ बिगुल संवाददाता, पटना पंचायती राज विभाग द्वारा कैबिनेट से स्वीकृत कराये गये पंचायत निर्माण कार्य मैनुअल के खिलाफ पंचायत प्रतिनिधि आक्रोशित हैं. मुखिया महासंघ ने कहा कि संविधान प्रदत्त शक्ति को विभाग ने सरकार को गुमराह कराकर कैबिनेट से प्रस्ताव पारित कर लिया है. इसके खिलाफ राज्य के ढ़ाई लाख से अधिक निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधि सड़क पर उतर कर इसका विरोध करेंगे. मैनुअल के विरोध में मुखिया महासंघ ने बिगुल फूंक दिया है. संघ ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इसका अधिसूचना रद्द करने की अपील की है. महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष मिथिलेश कुमार राय ने कहा कि कैबिनेट द्वारा पारित पंचायती राज विभाग के कार्य मैनुअल में टेंडर लाने की प्रक्रिया एक साजिश है. दशकों से चली आ रही व्यवस्था में पंचायती राज विभाग द्वारा निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के अधिकारों की दिन प्रतिदिन कटौती की जा रही है. ग्राम पंचायतों को सशक्त करने की जगह उनकी शक्ति में कटौती की जा रही है. ग्राम पंचायत की योजनाओं को निर्वाचित प्रतिनिधि कार्यान्वित कराते हैं और उसके लिए जनता के प्रति जवाबदेह भी होते हैं. श्री राय ने कहा कि एक साजिश के तहत ग्राम पंचायतों और पंचायत समिति में ठेकेदारी प्रथा आरंभ करने की कोशिश की गयी है. इससे स्थानीय जनप्रतिनिधियों के अधिकारों का हनन होगा. टेंडर और ठेकेदारी प्रथा से स्थानीय स्तर पर संघर्ष बढ़ने की पूरी संभावना है. उन्होंने कहा कि जो कार्य ग्राम पंचायत स्तर पर किया जाता है उसका टेंडर अब बीडीओ को निकालने की शक्ति दी जा रही है. यह ग्राम पंचायतों को दिये गये 73 वां संविधान संशोधन अधिकार का पूरी तरह से उल्लंघन हैं.

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