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Home बिहार पटना सुंदरता व रैंकिंग बेहतर करने के लिए होगी पेंटिंग, पर पुराने मेकओवर का फीका पड़ा रंग

सुंदरता व रैंकिंग बेहतर करने के लिए होगी पेंटिंग, पर पुराने मेकओवर का फीका पड़ा रंग

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सुंदरता व रैंकिंग बेहतर करने के लिए होगी पेंटिंग, पर पुराने मेकओवर का फीका पड़ा रंग

संवाददाता, पटना शहर की सुंदरता बढ़ाने और स्वच्छता सर्वेक्षण में रैंकिंग बेहतर करने के उद्देश्य से पटना नगर निगम पेंटिंग कराने की तैयारी में है. इसके तहत शहर की प्रमुख सड़कों, फ्लाइओवरों, चौक-चौराहों और सार्वजनिक स्थलों की दीवारों पर आकर्षक वॉल पेंटिंग करायी जायेगी. हालांकि, पहले से करायी गयी पेंटिंग्स के रखरखाव की अनदेखी के कारण अब उनका रंग फीका पड़ने लगा है और कई स्थानों पर दीवारें भी क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं. बता दें कि गांधी मैदान के पास मिथिला पेंटिंग, सचिवालय की दीवारों पर मंजूषा कला, बोरिंग कैनाल रोड, छज्जूबाग, जेपी गंगा पथ, हड़ताली मोड़ जैसे इलाकों में उकेरे गये. इसके जरिए बिहार की समृद्ध कला-संस्कृति को भी दर्शाया. लेकिन महज एक से दो साल के भीतर ही कई पेंटिंग्स अपनी रंगत खोने लगी हैं. मिथिला पेंटिंग में शिव की आकृति भी बदरंग बता दें कि, छज्जूबाग में दीवारों पर बनी पारंपरिक पेंटिंग्स पर प्लास्टर झड़ने का असर साफ दिख रहा है. यहां भगवान गणेश की पेंटिंग पानी जमने के कारण खराब हो चुकी है. श्रीकृष्ण विज्ञान केंद्र की दीवार पर बनी पेंटिंग भी उपेक्षा की शिकार है, जहां खुले में पेशाब करने से दीवार और चित्र दोनों क्षतिग्रस्त हो रहे हैं. रजिस्ट्री ऑफिस के बाहर की दीवार और मिथिला पेंटिंग में शिव की आकृति भी बदरंग होती जा रही है. इसी तरह कंकड़बाग फ्लाइओवर पर बनी पेंटिंग्स पर पोस्टर चिपका दिये गये हैं. इनकम टैक्स गोलंबर की पेंटिंग्स को पान-तंबाकू थूक कर गंदा कर दिया गया है, जबकि बिस्कोमान के पास की दीवारें भी बदहाल स्थिति में हैं. लाइफ साइकिल की पेंटिंग पर जमी धूल बांस घाट में विद्युत शवदाह गृह अंतिम चरण में है. कुछ ही माह पहले इसकी बाउंड्री में इंसान के लाइफ साइकिल को दर्शाया गया. लेकिन, पेंटिंग पर धूल जमने से यह खराब हो रही है. वहीं, आर्ट कॉलेज के छात्रों ने कई फ्लाइओवर, सचिवालय, चिड़ियाघर और जेपी गंगा पथ के नीचे गेट को अपनी कला से सजाया था. छात्रों का कहना है कि पेंटिंग्स टिकाऊ बनाने के लिए प्राइमर, एक्रिलिक और इमल्शन पेंट का उपयोग किया गया, लेकिन संरक्षण के बिना कोई भी कला लंबे समय तक नहीं टिक सकती.

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