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राज्य के सभी 29019 सरकारी मध्य स्कूलों में रखे जायेंगे रात्रि प्रहरी

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राज्य के सभी 29019 सरकारी मध्य स्कूलों में रखे जायेंगे रात्रि प्रहरी

संवाददाता, पटना शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी 29019 मध्य स्कूलों में रात्रि प्रहरी रखने का निर्णय लिया है. अभी तक केवल आइसीटी लैब वाले 889 मध्य स्कूलों में रात्रि प्रहरी रखे जाते थे. शिक्षा विभाग ने सभी मध्य स्कूलों में रात्रि प्रहरी रखने और उसकी प्रक्रिया के संदर्भ में गुरुवार को संकल्प जारी कर दिया है. शिक्षा विभाग की तरफ से जारी आधिकारिक संकल्प के मुताबिक मध्य विद्यालयों में तैनात किये जाने वाले रात्रि प्रहरियों की सेवा अंशकालिक होगी. इसके लिए उन्हें एकमुश्त मानदेय का भुगतान किया जायेगा. हाउसकीपिंग एजेंसी के जरिये रखे जाने वाले सफाईकर्मी को रात्रि प्रहरी के के रूप में रखा जा सकेगा. इसके लिए उसे अतिरिक्त पांच हजार रुपये हासिल हो सकेंगे. सफाईकर्मी के अलावा एमडीएम के रसोइया को भी रात्रि प्रहरी के रूप में रखने की अनुमति दी है. हालांकि जहां रसोइया ही अंशकालिक रात्रि प्रहरी के रूप में काम करेगा, वहां सफाईकर्मी को यह जिम्मेदारी नहीं दी जायेगी. रात्रि प्रहरियों की टैगिंग जिला शिक्षा पदाधिकारी करेंगे. इसकी एक सूची प्राथमिक शिक्षा निदेशालय को उपलब्ध करायी जायेगी. चयनित रात्रिप्रहरी को उनके ही गांव में स्थित मध्य विद्यालय में कार्य करने की अनुमति नहीं होगी. हाउसकीपिंग कंपनी को रात्रि प्रहरी के लिए पांच हजार रुपये मासिक दिया जायेगा, जिसमें सभी कटौतियां मसलन जीएसटी, इपीएफ,इएसआइ और सर्विस चार्ज आदि शामिल होंगे. शिक्षा विभाग ने संकल्प में साफ कर दिया गया है कि रात्रि प्रहरी के दौरान विद्यालय में यदि किसी भी प्रकार की चोरी अथवा सुरक्षा में चूक होती है तो इसकी सारी जिम्मेदारी संबंधित एजेंसी की होगी. डीइओ संबंधित एजेंसी के मासिक बिल से चोरी हुए सामान के समतुल्य मूल्य की कटौती की जायेगी. कटौती की गयी राशि से चाेरी हुए सामान की प्रतिपूर्ति की जायेगी. राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि राज्य में 5921 माध्यमिक विद्यालयों में रात्रि प्रहरियों का प्रबंध भी हाउस कीपिंग एजेंसी के माध्यम से करायी जाये, ताकि संबंधित एजेंसी यह जिम्मा ले सके कि यदि कोई सामान चोरी होता है तो उसकी भरपाई एजेंसी करेगी. अभी माध्ममिक विद्यालयों में रात्रि प्रहरियों की नियुक्ति विद्यालय प्रबंध समिति की तरफ से की जाती है. खास बात यह होगी कि राज्य के माध्यमिक और उच्च माध्यमिकक विद्यालयों में रात्रि प्रहरियों के मानदेय का भुगतान विद्यालय कोष में जमा राशि से किया जायेगा.

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