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Home बिहार पटना नीट री-एग्जाम फर्जीवाड़ा मामले में नया खुलासा, क्या है कोड 220? पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी EOU

नीट री-एग्जाम फर्जीवाड़ा मामले में नया खुलासा, क्या है कोड 220? पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी EOU

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नीट री-एग्जाम फर्जीवाड़ा मामले में नया खुलासा, क्या है कोड 220? पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी EOU
एग्जाम सेंटर की तस्वीर

पटना से मनोज कुमार की रिपोर्ट
NEET UG Re-Exam Fraud:
नीट पुनर्परीक्षा मामले में लखीसराय में सॉल्वर बैठाकर गड़बड़ी करने की कोशिश मामले में आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने जांच की शुरू कर दी. लखीसराय के तीन एग्जाम सेंटर्स केंद्रीय विद्यालय खगौर, केआरके उच्च विद्यालय और उच्च विद्यालय हसनपुर से असली छात्रों के बदले सॉल्वरों को बैठाने के मामले में शुरुआती जांच में कई तथ्य सामने आए हैं.

बायोमीट्रिक मशीन की मदद से ऐसे सॉल्वरों ने ली एंट्री

सूत्रों के अनुसार, एग्जाम सेंटर्स पर टोटल 6 बायोमीट्रिक मशीन रखी हुई थी. इनमें से दो को निष्क्रिय बताकर अलग रख दिया गया था. इन्हीं दोनों से सबसे पहले असल परीक्षार्थी को बुलाकर हाजिरी बनाई गई. फिर, चुपके से उन्हें बाहर भेज दिया गया. असल परीक्षार्थियों के बाहर निकल जाने के बाद सॉल्वर की इंट्री करा दी गई. सॉल्वरों को एग्जाम सेंटर पर कोड 220 बताना था. बायोमीट्रिक कर्मी को ये कोड पहले से बता दिए गए थे.

सॉल्वरों के एडमिट कार्ड पर एनटीए का होलोग्राम लगा दिया गया था, ताकि एग्जाम सेंटर्स पर इनको कोई समस्या न हो. सॉल्वरों के एडमिट कार्ड तुरंत ही अपडेट किए गए थे. एडमिट कार्ड की तस्वीर से सभी सॉल्वरों के चेहरे का मिलान हो गया है. ईओयू सूत्रों ने बताया कि ये शुरुआती जांच है. अभी सॉल्वरों के गड़बड़ी के तरीके समझे जा रहे हैं.

तीनों एग्जाम सेंटर्स के सीसीटीवी कैमरे की होगी जांच

ईओयू सूत्रों के अनुसार, अब तीनों एग्जाम सेंटर्स के सीसीटीवी कैमरे की जांच होगी. इससे स्पष्ट रूप से पता चलेगा कि कौन कब आ रहा है, कब जा रहा है. ईओयू अब पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुट गई है. मामले की जांच के लिए डीआईजी के नेतृत्व में इओयू की 12 सदस्यीय एसआइटी गठित की गई है. एसआईटी ने मामले को टेकओवर कर लिया है.

स्कॉलर, डमी छात्रों समेत 30 को पुलिस ने किया है गिरफ्तार

जानकारी के मुताबिक, नीट पुनर्परीक्षा मामले में स्कॉलरों और डमी परीक्षार्थियों को बैठाने की लखीसराय में कोशिश की गई थी. मामले में लखीसराय पुलिस ने स्कॉलर, डमी परीक्षार्थी मिलाकर टोटल दस सॉल्वरों को गिरफ्तार किया था. साथ ही 17 बायोमीट्रिक कर्मियों, एक मूल परीक्षार्थी को भी अरेस्ट किया था. मामले में दो अन्य सहयोगियों की भी संलिप्तता उजागर हुई थी.

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प्रीति दयाल, प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर काम कर रहीं हैं. यूट्यूब पोर्टल सिटी पोस्ट लाइव से पत्रकारिता की शुरुआत की. इसके बाद डेलीहंट और दर्श न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में काम कर चुकीं हैं. डिजिटल मीडिया और कंटेंट राइटिंग में साढ़े 3 साल का अनुभव है. खबरें लिखना, वेब कंटेंट तैयार करने और ट्रेंडिंग सब्जेक्ट पर सटीक और प्रभावी खबरें लिखने का काम कर रहीं हैं. प्रीति दयाल ने पत्रकारिता की पढ़ाई संत जेवियर्स कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी से की. इस दौरान पत्रकारिता से जुड़ी कई विधाओं को सीखा. मीडिया संस्थानों में काम करने के दौरान डिजिटल जर्नलिज्म से जुड़े नए टूल्स, तकनीकों और मीडिया ट्रेंड्स को सीखा. पहली बार लोकसभा चुनाव 2024 और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 जैसे बड़े चुनावी कवरेज में काम करने का अवसर मिला. इस दौरान बिहार की राजनीति, चुनावी रणनीतियों, राजनीतिक दलों और प्रमुख नेताओं से जुड़े कई प्रभावशाली और पाठकों की रुचि के अनुसार कंटेंट तैयार किए. चुनावी माहौल को समझते हुए राजनीतिक विश्लेषण और ट्रेंडिंग मुद्दों पर आधारित खबरों को आसान और प्रभावी भाषा में तैयार करना कार्यशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है. कंटेंट रिसर्च, SEO आधारित लेखन, सोशल मीडिया फ्रेंडली कंटेंट तैयार करना और तेजी से बदलते न्यूज वातावरण में काम करना प्रमुख क्षमताओं में शामिल है. बिहार की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, सिनेमा और देश-दुनिया की महत्वपूर्ण घटनाओं पर रुचि और समझ है. टीम के साथ बेहतर समन्वय बनाकर काम करना और समय सीमा के अंदर गुणवत्तापूर्ण काम पूरा करना कार्यशैली का हिस्सा है. प्रीति दयाल का उद्देश्य डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में लगातार सीखते हुए अपनी पत्रकारिता कौशल को और बेहतर बनाना और पाठकों तक विश्वसनीय और प्रभावशाली खबरें पहुंचाना है.
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