पटना से मनोज कुमार की रिपोर्ट
NEET UG Re-Exam Fraud: नीट पुनर्परीक्षा मामले में लखीसराय में सॉल्वर बैठाकर गड़बड़ी करने की कोशिश मामले में आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने जांच की शुरू कर दी. लखीसराय के तीन एग्जाम सेंटर्स केंद्रीय विद्यालय खगौर, केआरके उच्च विद्यालय और उच्च विद्यालय हसनपुर से असली छात्रों के बदले सॉल्वरों को बैठाने के मामले में शुरुआती जांच में कई तथ्य सामने आए हैं.
बायोमीट्रिक मशीन की मदद से ऐसे सॉल्वरों ने ली एंट्री
सूत्रों के अनुसार, एग्जाम सेंटर्स पर टोटल 6 बायोमीट्रिक मशीन रखी हुई थी. इनमें से दो को निष्क्रिय बताकर अलग रख दिया गया था. इन्हीं दोनों से सबसे पहले असल परीक्षार्थी को बुलाकर हाजिरी बनाई गई. फिर, चुपके से उन्हें बाहर भेज दिया गया. असल परीक्षार्थियों के बाहर निकल जाने के बाद सॉल्वर की इंट्री करा दी गई. सॉल्वरों को एग्जाम सेंटर पर कोड 220 बताना था. बायोमीट्रिक कर्मी को ये कोड पहले से बता दिए गए थे.
सॉल्वरों के एडमिट कार्ड पर एनटीए का होलोग्राम लगा दिया गया था, ताकि एग्जाम सेंटर्स पर इनको कोई समस्या न हो. सॉल्वरों के एडमिट कार्ड तुरंत ही अपडेट किए गए थे. एडमिट कार्ड की तस्वीर से सभी सॉल्वरों के चेहरे का मिलान हो गया है. ईओयू सूत्रों ने बताया कि ये शुरुआती जांच है. अभी सॉल्वरों के गड़बड़ी के तरीके समझे जा रहे हैं.
तीनों एग्जाम सेंटर्स के सीसीटीवी कैमरे की होगी जांच
ईओयू सूत्रों के अनुसार, अब तीनों एग्जाम सेंटर्स के सीसीटीवी कैमरे की जांच होगी. इससे स्पष्ट रूप से पता चलेगा कि कौन कब आ रहा है, कब जा रहा है. ईओयू अब पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुट गई है. मामले की जांच के लिए डीआईजी के नेतृत्व में इओयू की 12 सदस्यीय एसआइटी गठित की गई है. एसआईटी ने मामले को टेकओवर कर लिया है.
स्कॉलर, डमी छात्रों समेत 30 को पुलिस ने किया है गिरफ्तार
जानकारी के मुताबिक, नीट पुनर्परीक्षा मामले में स्कॉलरों और डमी परीक्षार्थियों को बैठाने की लखीसराय में कोशिश की गई थी. मामले में लखीसराय पुलिस ने स्कॉलर, डमी परीक्षार्थी मिलाकर टोटल दस सॉल्वरों को गिरफ्तार किया था. साथ ही 17 बायोमीट्रिक कर्मियों, एक मूल परीक्षार्थी को भी अरेस्ट किया था. मामले में दो अन्य सहयोगियों की भी संलिप्तता उजागर हुई थी.
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