[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार पटना बिना रजिस्ट्री या केवाला हुए ही बदल दिये गये हैं रैयतों के नाम

बिना रजिस्ट्री या केवाला हुए ही बदल दिये गये हैं रैयतों के नाम

0
बिना रजिस्ट्री या केवाला हुए ही बदल दिये गये हैं रैयतों के नाम

संवाददाता, पटना

राज्य में जमीन सर्वे के दौरान कागजात खोजने के दौरान एक से एक नये खुलासे हो रहे हैं. ताजा मामला रजिस्टर-2 में गलत तरीके से नाम दर्ज होने सहित रजिस्टर-2 के पन्ने बदलने का सामने आया है. यह मामला कई जिलों के अंचलों का है. इसमें फिलहाल पटना, बक्सर, भोजपुर, भागलपुर, पूर्णिया, सुपौल, मधेपुरा, मधुबनी, दरभंगा, सहरसा, किशनगंज, मुंगेर व नवादा जिलों के बारे में पुख्ता जानकारी मिली है. इसके पीछे मुख्य रूप से राजस्व कर्मचारियों द्वारा रखे गये निजी मुंशियों की पहुंच सभी गोपनीय दस्तावेजों तक होने और उनके द्वारा राजस्व दस्तावेजों में छेड़छाड़ की आशंका जतायी जा रही है. हालांकि, राजस्व कर्मचारियों द्वारा निजी मुंशी रखे जाने की बात कई बार उठी है, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं होने का खामियाजा अब आम लोग भुगत रहे हैं. रजिस्टर-2 में गलत तरीके से छेड़छाड़ के मामले में लोगों ने शिकायत भी की है. हालांकि ठोस कार्रवाई नहीं हुई है.

सूत्रों के अनुसार रजिस्टर-2 में गलत तरीके से छेड़छाड़ पुराने रैयतों के दर्ज नाम के साथ की गयी है. कई मामलों में तो बिना जमीन की रजिस्ट्री या केवाला हुए ही रैयतों का नाम बदल दिये गये हैं. नाम बदलने के लिए रजिस्टर-2 में कोई कारण नहीं बताया गया है, केवल पुराने रैयत का नाम काट कर उसके नीचे नाम लिख दिया गया है. आश्चर्यजनक बात यह है कि इसी आधार पर नये जोड़े गये नाम की दाखिल- खारिज कर भू-लगान रसीद भी काट दी गयी है. हालांकि यह मामला अंचल कार्यालय के संज्ञान में लाने के बाद इसमें सुधार के लिए डीसीएलआर और एडीएम के कोर्ट में अपील का सुझाव दिया गया है. ऐसे ही एक मामले की जानकारी मिली है कि एडीएम कोर्ट में पिछले करीब चार साल से लंबित है, लेकिन न तो जमीन रिकॉर्ड में संशोधन हुआ और न ही दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हुई.

अंचल कार्यालयों में माफियाओं के सक्रिय होने का आरोप : सूत्रों का कहना है कि ऐसे मामले होने के पीछे बड़ा कारण यह है कि अंचल कार्यालय इन दिनों माफियाओं की गिरफ्त में हैं. अंचल कार्यालयों के राजस्व कर्मचारी अपनी मदद के लिए गैर कानूनी तरीके से बतौर मुंशी कई लोगों को बहाल किये हुए हैं. इन मुंशी की पहुंच अंचल कार्यालय के सभी गोपनीय सरकारी दस्तावेजों तक आसानी है. ऐसी हालत में सरकारी दस्तावेजों का असुरक्षित होना लाजिमी है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel