[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Badi Khabar लॉकडाउन : लॉकडाउन ने सामान्य बीमारी वाले मरीजों की मुसीबतें, पटना में रोजाना 10 हजार मरीजों के इलाज पर संकट

लॉकडाउन : लॉकडाउन ने सामान्य बीमारी वाले मरीजों की मुसीबतें, पटना में रोजाना 10 हजार मरीजों के इलाज पर संकट

0
लॉकडाउन : लॉकडाउन ने सामान्य बीमारी वाले मरीजों की मुसीबतें,  पटना में रोजाना 10 हजार मरीजों के इलाज पर संकट

आनंद तिवारी, पटना : लॉकडाउन की वजह से सामान्य बीमारी वाले मरीजों की मुसीबतें बढ़ गयी हैं. दरअसल लॉकडाउन के बाद पीएमसीएच छोड़ शहर के सभी बड़े व छोटे सरकारी अस्पतालों के ओपीडी बंद कर दिये गये हैं. इससे सामान्य इलाज वाले रोजाना 10 हजार मरीज अपना उपचार नहीं करा पा रहे हैं. वहीं डॉक्टरों का तर्क है कि वाहनों का परिचालन बंद होने से दूसरे जिलों के मरीज पटना नहीं पहुंच पा रहे हैं.

70 प्रतिशत होते हैं सामान्य बीमारी वाले

अस्पताल प्रशासन की ओर से दिये गये आंकड़ों के अनुसार शहर में संचालित आइजीआइएमएस के ओपीडी में रोजाना 3500, पीएमसीएच में 2 हजार से 2500, एम्स में 2 हजार व बाकी छोटे सरकारी अस्पतालों में 400 से 500 मरीज प्रतिदिन आते हैं. ऐसे में इन सरकारी अस्पतालों के ओपीडी में रोजाना 10 हजार से अधिक मरीज इलाज कराने आते थे. इसमें 30 प्रतिशत गंभीर मरीज भी होते थे, जिन्हें इमरजेंसी में भर्ती किया जाता था. ऐसे में बाकी बचे करीब 70 प्रतिशत सामान्य बीमारी वाले मरीज कहां इलाज कराते होंगे और उनके स्वास्थ्य की क्या स्थिति है? इसकी चिंता किसी भी जिम्मेदार अधिकारी को नहीं है.

मरीजों की बढ़ी परेशानी

आइजीआइएमएस के डॉ रत्नेश चौधरी के मुताबिक सरकारी अस्पतालों के साथ निजी अस्पतालों के चिकित्सकों ने भी ओपीडी बंद कर दिया है. इससे लोगों का उपचार कराना मुश्किल हो गया है. गंभीर ऑपरेशन छोड़ बाकी सभी ऑपरेशन अब टाल दिये गये हैं. जांच रिपोर्ट नहीं मिल पा रही है. ऐसे में सामान्य मरीजों की परेशानी बढ़ी है.

पीएमसीएच की ओपीडी चालू लेकिन नहीं आ रहे मरीज व डॉक्टर : पीएमसीएच के अधिकारियों के मुताबिक लॉकडाउन की वजह से पटना को छोड़ बाकी दूसरे जिले के मरीज नहीं आ रहे हैं. यहां तक कि पीएमसीएच में भी सिर्फ शहर के ही लोग पहुंच रहे हैं. हालांकि इमरजेंसी सेवाओं को बहाल रखा गया है. ऐसे में हार्टअटैक, ब्रेनस्ट्रोक, अस्थमा, दुर्घटना के मरीजों को सीधे इमरजेंसी में भर्ती किया जा रहा है.

पीएमसीएच का ओपीडी संचालित है, हालांकि ग्रामीण इलाकों में वाहन आदि साधान नहीं मिलने से मरीज नहीं आ पा रहे हैं. वहीं, जो मरीज पहुंच रहे हैं, उनका इलाज किया जा रहा है. गंभीर मरीजों को इमरजेंसी में भर्ती किया जा रहा है.

Previous article कोरोना से जंग : पटना के दो दर्जन होटल बनेंगे क्वारेंटाइन सेंटर, फिलहाल पटना में होम क्वारेंटाइन की संख्या 3843
Next article आइजीआइएमएस में अब नहीं होगा कोरोना मरीजों का इलाज, सिर्फ सैंपल के जांच किये जायेंगे
Avatar Of Pritish Sahay
प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel