RJD Foundation Day: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) बुधवार को अपना 30वां स्थापना दिवस मना रहा है. पार्टी ने अपने 29 साल पूरे कर लिए हैं और अब 30वें वर्ष में प्रवेश कर चुकी है. इस मौके पर पटना स्थित प्रदेश कार्यालय में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया है. पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए एकजुट रहने का संदेश दिया.
अपने संबोधन में लालू यादव ने कहा कि पार्टी की ताकत उसके कार्यकर्ता हैं. उन्होंने सभी नेताओं और समर्थकों से संगठन को और मजबूत बनाने की अपील की.
‘हम लड़े हैं और आगे भी लड़ते रहेंगे’
स्थापना दिवस समारोह में लालू यादव का सबसे बड़ा संदेश संघर्ष को लेकर रहा. उन्होंने कहा कि हम लड़े हैं और आगे भी लड़ते रहेंगे. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जनता दल हमेशा गरीब, वंचित और पिछड़े लोगों की आवाज उठाता रहा है और आगे भी यही लड़ाई जारी रहेगी.
लालू यादव ने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे पूरी मजबूती के साथ जनता के बीच जाएं और संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करें. उनका कहना था कि पार्टी की असली ताकत आम लोग हैं और उनकी उम्मीदों पर खरा उतरना ही सबसे बड़ी जिम्मेदारी है.
लालटेन भेंट कर हुआ स्वागत
कार्यक्रम के दौरान पार्टी नेताओं ने लालू यादव का पारंपरिक अंदाज में स्वागत किया. उन्हें पार्टी के चुनाव चिह्न ‘लालटेन’ की प्रतिकृति भेंट की गई. इसके बाद नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका अभिनंदन किया.
स्थापना दिवस पर सजा RJD कार्यालय
30वें स्थापना दिवस को लेकर पार्टी कार्यालय को आकर्षक ढंग से सजाया गया था. परिसर में रंग-बिरंगी लाइटें, बड़े पोस्टर, बैनर और पार्टी के झंडे लगाए गए हैं. गर्मी को देखते हुए कार्यकर्ताओं की सुविधा के लिए 11 एयर कंडीशनर और 15 कूलर लगाए गए हैं. बाहर ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है. वहीं 5 जुलाई को राज्य के सभी जिलों में स्थापना दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा.
भरत एनकाउंटर का मुद्दा भी उठा
कार्यक्रम के दौरान भरत एनकाउंटर की भी चर्चा हुई. पार्टी कार्यालय पहुंचे छोटू छलिया ने इस मामले में अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि भरत ने सरेंडर कर दिया था तो उसे गोली नहीं मारी जानी चाहिए थी. उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में समाज को जाति के आधार पर बांटने की कोशिश हो रही है. इस दौरान उन्होंने “नाही चाली तोहरो तानाशाहीया, जागल बा बिहरिया…” गीत गाकर भी अपनी बात रखी.
