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Home बिहार पटना खान सर के अस्पताल में फिर मिली फायर सेफ्टी की कमियां, अग्निशमन विभाग ने 10 दिनों का दिया अल्टीमेटम

खान सर के अस्पताल में फिर मिली फायर सेफ्टी की कमियां, अग्निशमन विभाग ने 10 दिनों का दिया अल्टीमेटम

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खान सर के अस्पताल में फिर मिली फायर सेफ्टी की कमियां, अग्निशमन विभाग ने 10 दिनों का दिया अल्टीमेटम
खान सर का अस्पताल

Khan Sir Hospital : अशोक राजपथ स्थित खान हेल्थकेयर अस्पताल में अग्निशमन विभाग की टीम ने दूसरी बार फायर सेफ्टी ऑडिट किया. जांच के दौरान फिर से कई कमियां सामने आने पर विभाग ने अस्पताल प्रबंधन को नोटिस जारी किया है. साथ ही 10 दिनों के भीतर आवश्यक सुधार करने का निर्देश दिया गया है. विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि निर्धारित समय में आग से बचाव और नियंत्रण के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए तो अस्पताल को सील करने की कार्रवाई की जाएगी.

दूसरी जांच में भी नहीं दूर हुईं कमियां

अग्निशमन विभाग की टीम ने इससे पहले 7 जून को भी अस्पताल का फायर सेफ्टी ऑडिट किया था. उस समय भी कई कमियां पाई गई थीं और अस्पताल प्रबंधन को उन्हें जल्द दूर करने का निर्देश दिया गया था. इसके बावजूद दूसरी जांच में अधिकांश कमियां यथावत मिलीं.

बाहर निकलने के लिए वैकल्पिक सीढ़ी नहीं

फायर सेफ्टी ऑडिट में पाया गया कि आग लगने की स्थिति में मरीजों और परिजनों के सुरक्षित निकास के लिए वैकल्पिक सीढ़ी की व्यवस्था अब तक नहीं की गई है. यह कमी पहली जांच में भी सामने आई थी. इसके अलावा अस्पताल में ऑटोमेटिक वेट राइजर सिस्टम की भी व्यवस्था नहीं पाई गई.

स्मोक डिटेक्टर और स्प्रिंकलर की व्यवस्था अधूरी

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि अस्पताल में स्मोक डिटेक्टर और स्प्रिंकलर सिस्टम केवल दो फ्लोर तक ही सीमित हैं. पूरे भवन में अग्नि सुरक्षा मानकों के अनुरूप व्यवस्था नहीं की गई है, जिससे आपात स्थिति में जोखिम बढ़ सकता है.

बिना फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट के संचालन पर सवाल

अग्निशमन विभाग के अनुसार खान हेल्थकेयर अस्पताल बिना फायर सेफ्टी ऑडिट सर्टिफिकेट के संचालित हो रहा है. इसे लेकर अब यह सवाल भी उठ रहा है कि पटना के अन्य ऐसे अस्पताल, जिन्होंने अब तक फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट प्राप्त नहीं किया है, वे किस आधार पर संचालित हो रहे हैं.

10 दिनों का दिया गया मौका

लोदीपुर फायर स्टेशन के प्रभारी इंद्रजीत कुमार ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन को दूसरी बार नोटिस जारी किया गया है. यदि 10 दिनों के भीतर सभी कमियों को दूर कर अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया, तो नियमानुसार अस्पताल को सील करने की कार्रवाई की जाएगी.

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मूलतः निखिल अनुराग. पेशे से पत्रकार. बुद्ध की धरती पर जन्म. बिहार का सबसे नवीनतम जिला (अरवल) से ताल्लुक. पढ़ाई की शुरूआत गांव से ही. फिर पलायन कर गंगा के तट पटना पहुंचा. ज्ञान की धरती से कुछ तालीम हासिल कर राष्ट्रीय राजधानी की ओर कूच. पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट ( माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय). नोएडा की धरती पर विद्वतजन से कुछ न कुछ सीखा. करंट अफ़ेयर्स, राजनीति, खेल, अंतरराष्ट्रीय संबंध, गाँव, खेत-किसान पसंदीदा टॉपिक. स्कूल, कॉलेज युनिवर्सिटी में यूथ से गपशप करना एनर्जी का अतिरिक्त स्रोत. साल 2020 में नोएडा से शुरू हुई इस लेखन यात्रा कलम, डेस्कटॉप, लैपटॉप के की-बोर्ड से होते हुए स्मार्ट फोन तक पहुंच गयी. ज्यों-ज्यों उम्र बढ़ रही है, सीखने, पढ़ने, लिखने की भूख भी बढ़ रही है. नोएडा में टीवी न्यूज में काम करने के बाद हिंदुस्तान ग्रूप होते हुए बिहार, झारखंड की सबसे पसंदीदा अखबार प्रभात खबर में कार्यरत. हां एक बात और... पढ़ने-लिखने की जिज्ञासा कभी खत्म नहीं होगी. साहित्य में बेहद दिलचस्पी.
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