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Home बिहार पटना ‘कुछ लोग नाखून कटाकर शहीद बनना चाहते हैं’, जीतन राम मांझी का फूटा गुस्सा, चिराग पासवान पर क्यों साधा निशाना?

‘कुछ लोग नाखून कटाकर शहीद बनना चाहते हैं’, जीतन राम मांझी का फूटा गुस्सा, चिराग पासवान पर क्यों साधा निशाना?

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‘कुछ लोग नाखून कटाकर शहीद बनना चाहते हैं’, जीतन राम मांझी का फूटा गुस्सा, चिराग पासवान पर क्यों साधा निशाना?
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी

Jitan Ram Manjhi: हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (HAM) के संरक्षक और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने एक बार फिर लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान पर हमला बोला है. पटना के विद्यापति भवन में पार्टी की राज्य परिषद की बैठक को संबोधित करते हुए मांझी ने बिना नाम लिए चिराग पासवान पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि कुछ लोग खुद को दलितों और आरक्षण का हितैषी बताते हैं, लेकिन वे सिर्फ नाखून काटकर शहीद का दर्जा लेना चाहते हैं. मांझी ने कहा कि दलित समाज की हालत आज भी वैसी ही बनी हुई है.

बीजेपी से नाराजगी और सीटों को लेकर छलका दर्द

इस कार्यक्रम के दौरान जीतन राम मांझी का अपनी ही सहयोगी पार्टी बीजेपी के खिलाफ भी दर्द छलका. विधानसभा सीटों के बंटवारे को लेकर नाराजगी जताते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें चुनाव में सीटों के नाम पर सिर्फ एक झुनझुना थमा दिया गया. उन्होंने चिराग पासवान की तरफ इशारा करते हुए कहा कि कुछ लोगों ने सरकार के खिलाफ बयानबाजी की और दबाव बनाकर ज्यादा सीटें हासिल कर लीं.

चंद्रशेखर आजाद की तारीफ और बेटे को नसीहत

जीतन राम मांझी ने अपने भाषण में नगीना सीट से सांसद चंद्रशेखर आजाद की खुलकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि आज के समय में संसद के अंदर दलितों के हक में कोई दूसरा नेता नहीं बोलता, सिर्फ चंद्रशेखर आजाद ही मजबूती से दलितों की आवाज उठाते हैं. इसके साथ ही उन्होंने मंच से अपने बेटे संतोष सुमन को भी नसीहत दी. मांझी ने कहा कि उनका बेटा फिलहाल मुद्दे की राजनीति नहीं कर रहा है, जबकि आगे बढ़ने के लिए मुद्दों पर बात करना बेहद जरूरी है. अगर पार्टी मुद्दों पर काम करेगी, तो शीर्ष पर पहुंच जाएगी.

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दलितों को बौद्ध बनने की सलाह और सम्राट चौधरी का बचाव

दलित समाज को एकजुट होने का संदेश देते हुए केंद्रीय मंत्री ने एक बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि अगर समाज में जाति का बंधन नहीं टूट पा रहा है, तो हिंदू समाज के लोगों को बुद्धिस्ट (बौद्ध) हो जाना चाहिए. उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का बचाव किया. मांझी ने कहा कि सम्राट चौधरी आजकल कुछ लोगों की आंख का कांटा बने हुए हैं और उनकी पुलिस द्वारा की जा रही कार्रवाई पर जानबूझकर विशेष सवाल उठाए जा रहे हैं.

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परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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