[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार पटना ज्ञान के अनंत स्रोत हैं गुरु ग्रंथ साहिब, मिल रहा दिव्य संदेश

ज्ञान के अनंत स्रोत हैं गुरु ग्रंथ साहिब, मिल रहा दिव्य संदेश

0
ज्ञान के अनंत स्रोत हैं गुरु ग्रंथ साहिब, मिल रहा दिव्य संदेश

प्रकाश उत्सव पर सजा विशेष दीवान

प्रतिनिधि, पटना सिटी

जुगो जुगो अटल साहब श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी महाराज अनादि ज्ञान के अनंत स्रोत हैं, जो एक संप्रदाय का धार्मिक ग्रंथ नहीं है, बल्कि संपूर्ण मानव को दिव्य संदेश देने वाला ग्रंथ है. आज की विषम परिस्थिति में श्री गुरु ग्रंथ साहिब में वर्णित उपदेश की प्रासंगिकता बढ़ गयी है. बुधवार को गायघाट स्थित बड़ी संगत गुरुद्वारा में आदि श्री गुरु ग्रंथ साहिब के 420वें गुरुपर्व पर सजे विशेष दीवान में वक्ताओं ने कहीं. दो दिनों से ग्रंथी सतलोक सिंह, कुलदीप सिंह व गुरचरण सिंह की देखरेख में चल रहे अखंड पाठ की समाप्ति के बाद विशेष दीवान सजा. विशेष दीवान में कथा वाचक ज्ञानी गगनदीप सिंह ने कथा की, तब बंगाल वाले भाई रविंदर सिंह, अमृतसर से आये दरबार साहिब के रागी हरजीत सिंह, बरेली के भाई मनोहर सिंह ने शबद कीर्तन से संगत को निहाल किया. विशेष दीवान की समाप्ति हुकूमनामा व शस्त्र दर्शन के साथ विश्व बंधुत्व के लिए तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी बलदेव सिंह व अतिरिक्त मुख्य ग्रंथी ज्ञानी दिलीप सिंह ने विशेष दीवान का संचालन करते हुए अरदास व हुकूमनामा किया. आयोजन में अध्यक्ष जगजोत सिंह, महासचिव इंद्रजीत सिंह, वरीय उपाध्यक्ष लखविंदर सिंह, सचिव हरवंश सिंह ने शामिल हो प्रार्थना की.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel