[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार पटना लाचार और वृद्धों का सहारा बन रहे बुनियाद केंद्र

लाचार और वृद्धों का सहारा बन रहे बुनियाद केंद्र

0
लाचार और वृद्धों का सहारा बन रहे बुनियाद केंद्र

– राज्य भर में 101 केंद्रों के जरिये दी जा रही सेवा – इन केंद्रों में 1656 हजार लोग को मिला सेवा का लाभ संवाददाता, पटना राज्य सरकार वृद्धजनों, विधवाओं और दिव्यांगों की देखभाल के लिए बिहार में कुल 101 बुनियाद केंद्र चला रही है. इन 101 केंद्रों में से 38 केंद्र जिला स्तर पर और 63 केंद्र अनुमंडल स्तर पर संचालित हैं. यहां फिजियोथेरेपी, आंखो की जांच, साइकोलॉजिस्ट की सुविधा और पेंशन संबंधित सुविधाएं निशुल्क दी जाती है. समाज कल्याण विभाग से मिली जानकारी के अनुसार इन केंद्रों में वर्ष 2017 से अबतक 16 लाख 56 हजार 259 लाभुकों की संख्या दर्ज की गयी है. इनमें 10 लाख 94 हजार वृद्धजन, चार लाख 59 हजार दिव्यांजन और 10 लाख दो हजार विधवा शामिल हैं. इस योजना का उद्देश्य सामाजिक सुरक्षा सेवाओं को लाभार्थियों तक पहुंचाना है. बुनियाद केंद्र में दी जाने वाली सुविधा बुनियाद केंद्रों के सफल संचालन के लिए प्रत्येक केंद्र में एक-एक साइकोलॉजिस्ट, फिजियोथैरेपिस्ट, नेत्र विशेषज्ञ, निशक्त और वृद्धों का खयाल रखने के लिए केयर गिवर है. वहीं, शोषण या अत्याचार के शिकार वृद्ध, निशक्त या विधवा की सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लीगल एडवाइजर हैं, ये एडवाइजर कानूनी सलाह देते है. इसी प्रकार मैनेजर, ऑफिसर, रसोइया, कंप्यूटर ऑपरेटर, स्टोर कीपर, केयर टेकर, रोजगार प्रशिक्षक भी बुनियाद केंद्र के मुख्य अंग होते हैं. फिजियोथेरेपी सुविधा वृद्धजन विधवा या निःशक्तजनों में घुटनों का दर्द, कमर का दर्द, चलने में परेशानी, कोई चीज़ पकड़ने में परेशानी या कई ऐसी समस्याएं होती हैं जिनका उपचार थेरेपी के माध्यम से कर उसे ठीक या फिर कम किया जा सकता है. इसी के लिए बुनियाद केंद्र में फिजियोथेरेपी की सुविधा उपलब्ध है, फिजियोथेरेपी के लिए एक से बढ़कर एक नये दौर की मशीने है. नेत्र विशेषज्ञ की सुविधा आंखों की जांच के लिए नेत्र विशेषज्ञ मौजूद होते हैं. जांच के बाद जिनकी उम्र 50 वर्ष से अधिक है उन्हें आवश्यकतानुसार बुनियाद केंद्र से मुफ्त में चश्मा मुहैया कराई जाती है.साइकोलॉजिस्ट, काउंसलिंग के जरिए लोगों की थेरेपी करते है. यहां पर तनाव से परेशान लोग अपनी काउंसलिंग करा सकते हैं, विचार विमर्श के माध्यम से ऐसी समस्याओं का हल निकाला जाता है. पेंशन लाभुकों के लिए सुविधा इनमें पेंशन से संबंधित समस्याओं और दिवयांग प्रमाणपत्र के लिए बुनियाद केंद्र से मदद हासिल कर सकते है. यहां के स्टाफ द्वारा या तो समस्या का समाधान कर दिया जाता है या फिर सही जानकारी दी जाती है ताकि लाभुक खुद से अपनी समस्या का हल निकाल सकें.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel