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Home बिहार पटना बिहार में 1 अप्रैल से बदलेगा बिजली बिल स्ट्रक्चर, ऐसे कंज्यूमरों का बढ़ेगा बोझ

बिहार में 1 अप्रैल से बदलेगा बिजली बिल स्ट्रक्चर, ऐसे कंज्यूमरों का बढ़ेगा बोझ

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बिहार में 1 अप्रैल से बदलेगा बिजली बिल स्ट्रक्चर, ऐसे कंज्यूमरों का बढ़ेगा बोझ
सांकेतिक तस्वीर

Electricity In Bihar: बिहार में लोगों के लिए बिजली बिल का बोझ बढ़ने वाला है. लेकिन कुछ उपभोक्ताओं को राहत भी मिल सकती है. बिजली रेट के स्ट्रक्चर में बदलाव को लेकर 15 या फिर 16 मार्च को फैसला सुनाया जाएगा. इसके बाद 1 अप्रैल 2026 को इसे लागू कर दिया जाएगा, जो कि 31 मार्च 2027 तक प्रभावी रहेगा.

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के मुताबिक, प्रस्तावित व्यवस्था के तहत ग्रामीण इलाके के घरेलु उपभोक्ताओं की बिजली महंगी होने वाली है. जबकि शहरी इलाके के घरेलू उपभोक्ताओं को राहत मिलने की संभावना है. बिजली रेट के स्ट्रक्चर में बदलाव का बड़ा कारण विद्युत अपीलीय न्यायाधिकरण (Appellate Tribunal for Electricity) की तरफ से दिया गया आदेश है.

दरअसल, एप्टेल ने साल 2012 की बकाया राशि 1100 करोड़ रुपए ब्याज के साथ भुगतान करने का आदेश दिया है. इसके अलावा भी अन्य बकाया राशि है, जिसे मिलाकर अब टोटल 3200 करोड़ रुपए भुगतान करना होगा. पूरे मामले को लेकर बताया गया कि साल 2012 में ही बिजली बोर्ड का बंटवारा किया गया था और कंपनियां बनाई गईं थी.

उस वक्त बंटवारे के दौरान बोर्ड का बकाया भुगतान करने की जिम्मेदारी सरकार ने अपने ऊपर ली थी. लेकिन अब तक सरकार ने राशि नहीं दी है. ऐसे में कंपनियों ने इसकी भरपाई की मांग की है.

ग्रामीण और शहरी इलाके में क्या पड़ेगा प्रभाव?

ग्रामीण इलाके में पहले से एक स्लैब है. ऐसे में यहां स्लैब मर्ज करने की कोई गुंजाइश नहीं है. ऐसी स्थिति में कॉस्ट एडजस्टमेंट की वजह से ग्रामीण इलाके में लोगों के लिए बिजली का बोझ बढ़ सकता है.

शहरी इलाके की बात करें तो, दो अलग-अलग स्लैब हैं, जिन्हें मर्ज कर दिया जाएगा. स्लैब मर्ज होने से जो एवरेज रेट है, वह कम हो जाएगी. ऐसी स्थिति में शहरी इलाके में रहने वाले लोगों के लिए बिजली बिल के रेट में राहत मिल सकती है.

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प्रीति दयाल, प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर काम कर रहीं हैं. यूट्यूब पोर्टल सिटी पोस्ट लाइव से पत्रकारिता की शुरुआत की. इसके बाद डेलीहंट और दर्श न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में काम कर चुकीं हैं. डिजिटल मीडिया और कंटेंट राइटिंग में साढ़े 3 साल का अनुभव है. खबरें लिखना, वेब कंटेंट तैयार करने और ट्रेंडिंग सब्जेक्ट पर सटीक और प्रभावी खबरें लिखने का काम कर रहीं हैं. प्रीति दयाल ने पत्रकारिता की पढ़ाई संत जेवियर्स कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी से की. इस दौरान पत्रकारिता से जुड़ी कई विधाओं को सीखा. मीडिया संस्थानों में काम करने के दौरान डिजिटल जर्नलिज्म से जुड़े नए टूल्स, तकनीकों और मीडिया ट्रेंड्स को सीखा. पहली बार लोकसभा चुनाव 2024 और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 जैसे बड़े चुनावी कवरेज में काम करने का अवसर मिला. इस दौरान बिहार की राजनीति, चुनावी रणनीतियों, राजनीतिक दलों और प्रमुख नेताओं से जुड़े कई प्रभावशाली और पाठकों की रुचि के अनुसार कंटेंट तैयार किए. चुनावी माहौल को समझते हुए राजनीतिक विश्लेषण और ट्रेंडिंग मुद्दों पर आधारित खबरों को आसान और प्रभावी भाषा में तैयार करना कार्यशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है. कंटेंट रिसर्च, SEO आधारित लेखन, सोशल मीडिया फ्रेंडली कंटेंट तैयार करना और तेजी से बदलते न्यूज वातावरण में काम करना प्रमुख क्षमताओं में शामिल है. बिहार की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, सिनेमा और देश-दुनिया की महत्वपूर्ण घटनाओं पर रुचि और समझ है. टीम के साथ बेहतर समन्वय बनाकर काम करना और समय सीमा के अंदर गुणवत्तापूर्ण काम पूरा करना कार्यशैली का हिस्सा है. प्रीति दयाल का उद्देश्य डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में लगातार सीखते हुए अपनी पत्रकारिता कौशल को और बेहतर बनाना और पाठकों तक विश्वसनीय और प्रभावशाली खबरें पहुंचाना है.
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