[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार पटना नीट पीजी में पिछले वर्ष की तुलना में पूछे गये कठिन प्रश्न

नीट पीजी में पिछले वर्ष की तुलना में पूछे गये कठिन प्रश्न

0
नीट पीजी में पिछले वर्ष की तुलना में पूछे गये कठिन प्रश्न

संवाददाता, पटना

नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेस (एनबीइएमएस) की ओर से नीट पीजी की परीक्षा शहर के विभिन्न ऑनलाइन सेंटर पर दो पालियों में आयोजित की गयी. परीक्षा के दिन शहर के ऑनलाइन सेंटरों पर काफी भीड़ रही. इस बार नीट पीजी में सेंटर कम होने से पटना में चेन्नई, यूपी, आंधप्रदेश, दिल्ली आदि से परीक्षार्थी शामिल हुए. पिछले वर्ष 1200 सेंटर पर नीट पीजी आयोजित की गयी थी. इस बार 500 सेंटर पर ही 2.28 लाख परीक्षार्थियों को दो शिफ्ट में बैठाया गया. परीक्षा से निकलने वाले डॉक्टरों ने बताया कि मेडिसिन एनॉटमी के अलावा पैथोलॉजी से कठिन सवाल पूछे गये. फोरेंसिक मेडिसिन, सर्जरी, मेडिसिन, गायनिक, पीडियाट्रिक्स से भी सवाल पूछे गये. परीक्षार्थियों ने बताया कि पिछले वर्षी की तुलना में इस वर्ष प्रश्न कठिन रहा. वहीं, सेकेंड शिफ्ट में परीक्षा देकर निकलने वाले परीक्षार्थियों ने पूछे गये कई प्रश्नों को आसान बताया. फर्स्ट शिफ्ट के प्रश्न छोड़े कठिन थे. परीक्षार्थियों ने बताया कि कई प्रश्न डायरेक्ट भी पूछे गये थे, जिसमें कौन सी बीमारी में कौन सी दवा काम करेगी. इस तरह के प्रश्न भी पूछे गये थे.

परीक्षार्थियों ने बताया कि च्वाइस सेंटर नहीं मिलने से परेशानी हुई. खगड़िया की रहने वाले डॉ सपना कुमारी ने बताया कि पिछले साल की तुलना में इस वर्ष प्रश्न पत्र अधिक कठिन पूछे गये थे. मेडिसिन के प्रश्न पत्र में काफी उलझाया. सीतामढ़ी के डॉक्टर राम माइनस ने बताया कि पैथोलॉजी के प्रश्न पत्र कठिन पूछे गये थे. प्रश्न पत्र मॉडरेट तो हार्ड था. पटना पीएमसीएच के छात्र सनी कुमार ने बताया कि लैंग्वेज से काफी प्रश्न रहा. कुछ प्रश्नों को डायरेक्ट पूछा गया था.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel