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खेल मैदान की स्थिति जर्जर

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खेल मैदान की स्थिति जर्जर

संवाददाता, पटना शहर के बड़े सरकारी स्कूलों में शुमार मिलर हाइस्कूल और पटना कॉलेजिएट हाइस्कूल के खेल मैदान की स्थिति जर्जर हो गयी है. आलम यह है कि यहां पढ़ने वाले बच्चों को मैदान में खेलने का अवसर न के बराबर ही मिल पाता है. स्कूल के मैदान में बाहरी लोगों का ही जमावड़ा लगा रहता है. कहीं मेला, राजनीतिक पार्टियों की रैली और शादी समारोह के लिए मैदान का उपयोग किये जाने, तो कहीं कपड़े सुखाने और मवेशी को चारा खिलाने के लिए मैदान का उपयोग किया जा रहा है. मैदान में गंदगी और गड्ढे की वजह से भी बच्चे चाह कर भी खेल नहीं पाते हैं. सुबह से शाम तक बाहरी लोगों का लगा रहता जमावड़ा : दरियापुर स्थित पटना कॉलेजिएट हाइस्कूल के खेल मैदान में सुबह से शाम तक बाहरी लोग और असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहा है. स्कूल प्रबंधन की ओर से खेल मैदान में नये गेट भी लगाये गये हैं. इसके बावजूद कई बार असामाजिक तत्वों ने ताला तोड़ दिया है. खेल मैदान में बाउंड्री वाल और अलग गेट नहीं होने से बाहरी लोगों का जमावड़ा लगा रहता है. यहां खेल मैदान के आधे हिस्से का कपड़े सुखाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है और अन्य आधे हिस्से में स्थानीय लोगों का जमावड़ा लगा रहता है. इसके अलावा मैदान में गंदगी का ढेर रहने और मवेशियों के घूमने से भी बच्चे चाह कर भी खेल मैदान का इस्तेमाल नहीं कर पाते हैं. स्कूल के प्राचार्य अफजल सआदत हुसैन ने कहा कि दो बार मैदान के गेट में ताला लगाया गया है, लेकिन बाउंड्री वाल नहीं होने से लोगों का जमावड़ा लगा रहता है. उन्होंने कहा कि स्कूली बच्चों के सहयोग से दो बार मैदान की सफाई भी करायी गयी है, लेकिन जानवरों के घूमने से मैदान गंदा हो जाता है. वीरचंद पटेल पथ स्थित देवीपद चौधरी शहीद स्मारक प्लस टू विद्यालय, जिसे मिलर हाइस्कूल के नाम से भी जाना जाता है, यहां के खेल मैदान का इस्तेमाल मेला, राजनीतिक पार्टियों की रैली और शादी समारोह के लिए किया जाता है. इसके अलावा मैदान में असामाजिक तत्वों के कब्जे की वजह से भी स्कूली बच्चे चाह कर भी खेल नहीं पाते हैं. मैदान के एक हिस्से में गंदा पानी जमने और गंदगी के कारण भी बच्चे खेलने नहीं जाते हैं. स्कूल प्रबंधक ने बताया कि खेल मैदान की बुकिंग माध्यमिक शिक्षा निदेशक स्तर पर की जाती है. स्कूल मैदान की बुकिंग के लिए आठ से 10 हजार रुपये तक शुल्क लिया जाता है. स्कूल के प्राचार्य मदन बिंद ने बताया कि खेल मैदान में असामाजिक तत्वों का कब्जा रहता है. जिले के वैसे स्कूल, जहां पर्याप्त जगह है, वहां शिक्षा विभाग की ओर से फुटबॉल ग्राउंड बनाये जाने की तैयारी की जा रही है. शहर के बीचों-बीच बने इन दोनों स्कूलों में फुटबॉल ग्राउंड बनाने के लिए पर्याप्त जगह है. पटना कॉलेजिएट हाइस्कूल ग्राउंड में पहले स्कूल की ओर से गोल पोस्ट बनाया गया था. लेकिन, असामाजिक तत्वों की ओर से गोल पोस्ट को भी तोड़ दिया गया. मिलर हाइस्कूल और पटना कॉलेजिएट हाइस्कूल के बच्चे स्कूल प्रांगण में बने छोटे मैदान में ही बैडमिंटन, वॉलीबॉल व क्रिकेट सहित अन्य खेलों की प्रैक्टिस करने को मजबूर हैं.

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