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थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को बोन मैरो ट्रांसप्लांट की मिलेगी सुविधा

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थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को बोन मैरो ट्रांसप्लांट की मिलेगी सुविधा

– स्वास्थ्य विभाग जल्द करेगा सीएमसी वेल्लाेर से करार संवाददाता, पटना राज्य सरकार थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को मुफ्त बोनमैरो ट्रांसप्लांट की सुविधा देगी. इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग ने क्रिश्चियन मेडिकल काॅलेज वेल्लोर से करार करने की पहल की है. स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने भी इसकी पुष्टि की है. उन्होंने कहा राज्य में थैलेमीसिया पीडि़त बच्चों को सहजता से ट्रांसप्लांट की सुविधा मिल सके इसके लिए सरकार सीएमसी वेल्लोर से करार करने की संभावना देख रही है. इसके साथ ही एक अगस्त को पीएमसीएच में एचएलए मैचिंग शिविर लगेगा. स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों की मानें तो राज्य में थैलेसीमिया पीड़ित बच्चे करीब 2600 हैं. इनमें 12 साल से कम उम्र के थैलेसीमिया पीड़ितों की संख्या करीब नौ सौ है. विशेषज्ञों के अनुसार बोनमैरो ट्रांसप्लांट के पहले एचएलए (ह्यूमन ल्यूकोसाइट एंटीजन) मैचिंग की जरूरत होती है. इसमें पीड़ित बच्चे के भाई-बहन का बोन मैरो मैच कराया जाता है. इसमें पीड़ित बच्चों के भाई-बहन से 100 फीसदी एचएलए मैच करने पर ही बोन मैरो ट्रांसप्लांट संभव होता है. पीएमसीएच में एक अगस्त को लगेगा एचएलए मैचिंग शिविर स्वास्थ्य विभाग ने ह्यूमन ल्यूकोसाइट एंटीजन मैचिंग के लिए पहली अगस्त को पीएमसीएच में एचएलए मैचिंग शिविर लगाने के निर्देश भी दिए हैं. इसके लिए विभाग ने दो लाख रुपये स्वीकृत किए हैं. गौरतलब है कि थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को बार-बार खून चढ़ाना होता है. आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के लोगों के लिए बार-बार पीडि़त बच्चे को खून चढ़ाने में कई प्रकार की परेशानियां होती हैं. अक्सर गरीब परिवार के बच्चों में जब यह बीमारी मिलती है तो अधिक खर्च की वजह से यह ट्रांसप्लांट कराना संभव नहीं हो पाता है.

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