Bharat Tiwari Encounter: भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में अब भाजपा विधायक मैथिली ठाकुर का बयान सामने आया है. उन्होंने इस एनकाउंटर को गलत बताते हुए कहा कि अगर पुलिसकर्मियों ने कानून के खिलाफ कार्रवाई की है तो उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए. उनके बयान के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है.
‘एनकाउंटर गलत हुआ, दोषियों पर हो कार्रवाई’
पटना में पत्रकारों से बातचीत के दौरान मैथिली ठाकुर ने कहा कि बिहार में कानून-व्यवस्था पहले से मजबूत हुई है और अपराधी अपराध करने से डरते हैं. उन्होंने कहा कि मेरे विधानसभा क्षेत्र में भी पुलिस की सक्रियता बढ़ी है.
हालांकि उन्होंने साफ कहा कि भरत तिवारी का एनकाउंटर गलत था. उनके मुताबिक, यदि किसी पुलिसकर्मी ने नियमों के खिलाफ कार्रवाई की है तो उसे कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए. उन्होंने भरोसा जताया कि सरकार इस मामले में उचित कार्रवाई करेगी.
सरकार ने बनाई न्यायिक जांच आयोग
भरत तिवारी मामले की जांच के लिए बिहार सरकार पहले ही न्यायिक जांच आयोग का गठन कर चुकी है. आयोग के अध्यक्ष सेवानिवृत्त न्यायाधीश विनोद कुमार सिन्हा जांच के सिलसिले में भोजपुर के बिलौटी गांव पहुंचे.
उनके साथ शाहाबाद प्रक्षेत्र के डीआईजी सत्य प्रकाश, भोजपुर के डीएम तनय सुल्तानिया और एसपी श्री राज भी मौजूद रहे. जांच टीम ने घटनास्थल का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों से जानकारी ली.
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परिजनों से बंद कमरे में हुई बातचीत
जस्टिस विनोद कुमार सिन्हा ने भरत तिवारी के परिजनों से अलग से मुलाकात की. इस दौरान परिवार ने बताया कि घटना के बाद से वे डरे हुए हैं. उनका आरोप है कि थाना पुलिस बार-बार घर पहुंचती है, जिससे परिवार में भय का माहौल बना हुआ है. परिजनों ने महिला पुलिसकर्मियों के आने पर भी आपत्ति जताई. इस पर जांच आयोग के अध्यक्ष ने भरोसा दिलाया कि बिना जरूरत पुलिस उनके घर नहीं जाएगी.
पुलिस अधिकारियों पर दर्ज हो चुकी है FIR
भरत तिवारी की मां की शिकायत पर शाहपुर थाने में एफआईआर दर्ज की जा चुकी है. मामले में तत्कालीन जगदीशपुर एसडीपीओ, तत्कालीन शाहपुर थाना प्रभारी और घटना में शामिल अन्य पुलिसकर्मियों को नामजद किया गया है.
