[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार पटना बिहार में शराबबंदी कानून पर सवाल, अनंत सिंह बोले- इससे बढ़ रहा अवैध कारोबार, बिक्री शुरू हो

बिहार में शराबबंदी कानून पर सवाल, अनंत सिंह बोले- इससे बढ़ रहा अवैध कारोबार, बिक्री शुरू हो

0
बिहार में शराबबंदी कानून पर सवाल, अनंत सिंह बोले- इससे बढ़ रहा अवैध कारोबार, बिक्री शुरू हो
अनंत सिंह, विधायक

Bihar Liquor Ban: बिहार में नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से हटते ही शराबबंदी कानून को लेकर बहस फिर तेज हो गई है. अब सरकार में शामिल दलों के नेता ही इस कानून पर सवाल उठाने लगे हैं. कई विधायक इसे खत्म करने या इसकी समीक्षा करने की मांग कर रहे हैं. जदयू विधायक अनंत सिंह ने कहा कि बिहार में शराबबंदी पूरी तरह सफल नहीं हुई है. शहर से लेकर गांव तक लोग आज भी शराब पी रहे हैं. फर्क सिर्फ इतना है कि अब लोग छिपकर शराब पीते हैं.

पहले स्थिति ठीक थी, अब हालात बदल गए

अनंत सिंह ने कहा कि जब यह कानून लागू हुआ था, तब उन्होंने इसका समर्थन किया था. शुरुआत में कुछ समय तक स्थिति ठीक रही, लेकिन अब हालात बदल गए हैं. सही शराब नहीं मिलने के कारण लोग गलत और जहरीली शराब पी रहे हैं. इससे उनकी सेहत खराब हो रही है.

अनंत सिंह ने कहा कि सरकार को शराब की बिक्री फिर से शुरू करनी चाहिए. साथ ही जो लोग शराब पीकर सड़क पर हंगामा करें, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. इससे सरकार को राजस्व का नुकसान भी नहीं होगा. उन्होंने कहा कि वह मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मिलकर इस मुद्दे पर बात करेंगे.

उपेंद्र कुशवाहा के विधायक क्या बोले

इससे पहले राष्ट्रीय लोक मोर्चा के विधायक माधव आनंद भी इसी तरह की मांग कर चुके हैं. उन्होंने कहा कि शराबबंदी से ज्यादा जरूरी लोगों को नशा छोड़ने के लिए जागरूक करना है. इस कानून से राज्य को आर्थिक नुकसान हो रहा है और गलत लोगों को फायदा मिल रहा है.

माधव आनंद ने कहा कि दस साल से यह कानून लागू है और अब इसकी समीक्षा जरूरी है. बिहार को विकास के लिए पैसे की जरूरत है, लेकिन शराबबंदी के कारण राजस्व की कमी हो रही है.

बिहार की ताजा खबरों के लिए क्लिक करें

मांझी भी उठा चुके हैं सवाल

केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी भी कई बार इस कानून पर सवाल उठा चुके हैं. उन्होंने कई बार कहा है कि इस कानून का सबसे ज्यादा नुकसान गरीब लोगों को हुआ है. अमीर लोग महंगी शराब खरीद लेते हैं, जबकि गरीब लोग सस्ती और जहरीली शराब पीकर अपनी जान गंवा देते हैं.

उन्होंने यह भी कहा कि इस कानून के कारण कई गरीब लोग जेलों में बंद हैं. ऐसे में सरकार को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और जरूरत पड़े तो बदलाव करना चाहिए. बिहार में शराबबंदी कानून एक बार फिर बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया है और नई सरकार के सामने इस पर फैसला लेना एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है.

इसे भी पढ़ें: बिहार के बगहा में सरकारी स्कूल के बच्चों से काम कराने का आरोप- BEO ने दिए जांच के आदेश

Previous article गर्मी में किचन को रखना है ठंडा, तो आजमाएं ये 5 असरदार टिप्स
Next article बंगाल चुनाव से पहले धनबल का खेल! हावड़ा में डॉलर और लाखों की नकदी के साथ 2 अरेस्ट, कोलकाता में गोल्ड जब्त
Avatar Of Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel