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बिहार में जमीन डाक्यूमेंट्स जांच होगी तेज, एआई से खत्म होगी गड़बड़ी और फर्जीवाड़ा

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बिहार में जमीन डाक्यूमेंट्स जांच होगी तेज, एआई से खत्म होगी गड़बड़ी और फर्जीवाड़ा
सांकेतिक फोटो

Bihar Land Survey: बिहार में भूमि सर्वेक्षण, खतियान सहित जमीन के दस्तावेजों की अब तेज जांच की सुविधा बहुत जल्द उपलब्ध होगी. इसके लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने इन सभी दस्तावेजों की ऑटोमेटेड जांच के लिए एआइ के इस्तेमाल की संभावनाओं पर काम करना शुरू कर दिया है. इसके लिए विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल के आदेश पर सचिव जय सिंह की अध्यक्षता में एक पांच सदस्यीय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस समिति बनायी गयी है.

इसमें अपर सचिव आजीव वत्सराज, सर्वेक्षण कार्यालय गुलजारबाग की उपनिदेशक मोना झा, विभाग के विशेष कार्य पदाधिकारी नवाजिश अख्तर और विभाग के आइटी मैनेजर आनंद शंकर इस समिति के सदस्य बनाये गये हैं. समिति तकनीकी विशेषज्ञों की भी मदद ले सकती है और पूरी पड़ताल कर रिपोर्ट देगी जिस पर एआइ के इस्तेमाल को लेकर आगे की प्रक्रिया सुनिश्चित की जायेगी.

दस्तावेजों में मिल रही थीं गड़बड़ी की शिकायतें

सूत्रों के अनुसार भूमि सर्वेक्षण, खतियान और जमीन के दस्तावेजों में गड़बड़ी की शिकायतें बड़ी संख्या में विभाग को मिल रही थीं. साथ ही विभाग ने अधिकांश राजस्व दस्तावेजों का डिजिटाइजेशन किया है, इसके बावजूद उसमें गड़बड़ियों की शिकायतें आ रही हैं. वहीं जमीन के नकली दस्तावेजों के पाये जाने की भी सूचनाएं बहुत जगह से मिली हैं. ऐसे में त्वरित गति से जमीन के दस्तावेजों की जांच-पड़ताल के लिए नयी तकनीक की आवश्यकता थी.

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कामकाज के लिए बनेगा एसओपी

सूत्रों के अनुसार राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के स्तर से एआइ के इस्तेमाल को लेकर सहमति बनने के बाद इसे लेकर एसओपी बनायी जायेगी. इस एसओपी में यह विस्तृत निर्देश दिया जायेगा कि एआइ का इस्तेमाल किन दस्तावेजों की जांच के लिए किस तरह किया जायेगा. साथ ही एआइ द्वारा सही बताने पर उसे अंतिम रूप से कैसे प्रमाणिक माना जायेगा. विभाग के सूत्रों की मानें तो इस नयी तकनीक के इस्तेमाल का संबंधित अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जायेगा.

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परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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