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Home बिहार पटना Bhumi Survey: स्वघोषणा के लिए आवेदन करने वाला सर्वर सातवें दिन भी ठप, रैयत परेशान, दलालों की चांदी

Bhumi Survey: स्वघोषणा के लिए आवेदन करने वाला सर्वर सातवें दिन भी ठप, रैयत परेशान, दलालों की चांदी

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Bhumi Survey: स्वघोषणा के लिए आवेदन करने वाला सर्वर सातवें दिन भी ठप, रैयत परेशान, दलालों की चांदी

Bhumi Survey: जमीन सर्वे को लेकर स्वघोषणा के लिए जरूरी प्रपत्र-2 को भरकर उसे ऑनलाइन आवेदन करने वाला विभागीय सर्वर शुक्रवार को कुछ देर खुला, लेकिन फिर ठप हो गया. इससे रैयतों को ऑनलाइन स्वघोषणा करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. यह सर्वर पिछले शनिवार से लगातार ठप है. इस कारण बड़ी परेशानी अन्य जिले या राज्यों में रहने वालों को हो रही है. सर्वर काम नहीं करने या इसे ठीक होने से संबंधित कोई भी सूचना विभागीय वेबसाइट पर नहीं है. दूसरी तरफ स्थानीय रैयत जब स्वघोषणा के लिए जरूरी प्रपत्र-2 भरकर ऑफलाइन जमा करने के लिए सर्वे शिविरों में जा रहे हैं, तो अधिकांश जगहों पर पावती रसीद देने में आनाकानी हो रही है. हालत यह है कि सर्वे शिविरों में भीड़ लग रही है. साथ ही वहां दलालों के माध्यम से जमीन सर्वे के सभी काम सुलभ तरीके से करवाने का प्रस्ताव भी रैयतों को मिल रहा है.

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Bhumi survey: स्वघोषणा के लिए आवेदन करने वाला सर्वर सातवें दिन भी ठप, रैयत परेशान, दलालों की चांदी 3

दलालों का बोलबाला है और भ्रष्टाचार चरम पर

सूत्रों के अनुसार राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय द्वारा उपलब्ध वेबसाइट https://dlrs.bihar.gov.in/Raiyat123.aspx पिछले सात दिन से ठप पड़ी है. इसके सर्वर में एरर बताया जा रहा है. इसी वेबसाइट के माध्यम से रैयत अपना प्रपत्र-2 भरकर उसे ऑनलाइन जमा करते थे. इस वेबसाइट के ठप होने की यह पहली घटना नहीं है. इससे पहले भी अक्सर वेबसाइट ठप पड़ जाती थी. कभी-कभी वेबसाइट ठीक रहने पर भी प्रपत्र-2 का आवेदन ऑनलाइन नहीं हो पाता है. ”सर्वर में जगह नहीं है”, इस तरह संदेश अंग्रेजी में लिखा आता है. केवल यही नहीं, आवेदन के साथ जरूरी दस्तावेज अपलोड करने की अधिकतम सीमा तीन एमबी है, लेकिन दो एमबी से थोड़ी अधिक के दस्तावेज की फाइल भी अपलोड नहीं होती. ऑनलाइन आवेदन नहीं होने से रैयत ऑफलाइन आवेदन करने सर्वे कार्य के शिविरों में जा रहे हैं. वहां दलालों का बोलबाला है और भ्रष्टाचार चरम पर है.

डैशबोर्ड भी नहीं खुलता

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की वेबसाइट का हाल यह है कि पिछले करीब एक महीने से नागरिक सेवाएं के तहत दिये गये ”डैशबोर्ड” की वेबसाइट https://parimarjan.bihar.gov.in/BiharBhumireport/dashboardrpt नहीं खुल रही है. इसे खोलने पर Server Error दिखा रहा है.

क्या बोले अधिकारी

इस संबंध में विभागीय अधिकारियों का कहना है कि सर्वर को ठीक करने में एक्सपर्ट लगे हुए हैं. बहुत जल्द यह ठीक हो जायेगा.

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परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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