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Home बिहार पटना बिहार के सरकारी स्कूलों में 1 जून से लगेगा समर कैंप, कमजोर बच्चों की पढ़ाई सुधारने के लिए जानिए शिक्षा विभाग का प्लान

बिहार के सरकारी स्कूलों में 1 जून से लगेगा समर कैंप, कमजोर बच्चों की पढ़ाई सुधारने के लिए जानिए शिक्षा विभाग का प्लान

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बिहार के सरकारी स्कूलों में 1 जून से लगेगा समर कैंप, कमजोर बच्चों की पढ़ाई सुधारने के लिए जानिए शिक्षा विभाग का प्लान
सांकेतिक तस्वीर

Bihar News: बिहार के सरकारी मध्य विद्यालयों में 1 जून से समर कैंप की शुरुआत होने जा रही है. शिक्षा विभाग ने इसकी तैयारियां तेज कर दी हैं और सभी स्कूलों को जरूरी दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं. इस समर कैंप का मुख्य उद्देश्य वर्ग 5 और 6 के कमजोर एवं चिन्हित विद्यार्थियों की पढ़ाई में सुधार करना है, ताकि उनकी बुनियादी शैक्षणिक क्षमता मजबूत हो सके.

कमजोर बच्चों की पढ़ाई पर रहेगा विशेष ध्यान

शिक्षा विभाग के अनुसार समर कैंप में खासतौर पर उन बच्चों पर फोकस किया जाएगा. जो पढ़ाई में कमजोर हैं या एफएलएन (फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी) कार्यक्रम के तहत चिन्हित किए गए हैं. कैंप के दौरान बच्चों को पढ़ना, लिखना, गणित और बुनियादी समझ विकसित करने के लिए विशेष गतिविधियों के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जाएगा. विभाग का मानना है कि इससे बच्चों की सीखने की क्षमता में तेजी से सुधार होगा.

हर स्कूल में चुने जाएंगे स्वयंसेवक और टोला सहायक

विभागीय निर्देश के अनुसार सभी मध्य विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को अपने-अपने पोषक क्षेत्र से 2 से 3 स्वयंसेवकों या टोला सहायकों का चयन करना होगा. ये चयनित स्वयंसेवक समर कैंप के दौरान बच्चों को पढ़ाने और उन्हें सीखने में सहयोग करेंगे. शिक्षा विभाग का कहना है कि स्थानीय स्तर पर लोगों की भागीदारी से बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिलेगा और पढ़ाई में सकारात्मक बदलाव आएगा.

30 जून तक चलेगा समर कैंप

जानकारी के मुताबिक यह समर कैंप 1 जून से 30 जून 2026 तक संचालित किया जाएगा. पूरे महीने बच्चों के लिए अलग-अलग शैक्षणिक गतिविधियां आयोजित होंगी, जिससे नए शैक्षणिक सत्र से पहले उनकी तैयारी मजबूत की जा सके.

29 मई को होगी अहम बैठक

समर कैंप की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए 29 मई को प्रखंड संसाधन केंद्र (बीआरसी) में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी. इस बैठक में सभी मध्य विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों की उपस्थिति अनिवार्य की गई है. विभाग ने निर्देश दिया है कि प्रधानाध्यापक चयनित टोला सहायकों, स्वयंसेवकों और समर कैंप में शामिल किए जाने वाले विद्यार्थियों की सूची के साथ बैठक में उपस्थित हों.

एफएलएन विद्यार्थियों की सूची तैयार करने का निर्देश

शिक्षा विभाग ने प्रत्येक सीआरसी अंतर्गत आने वाले विद्यालयों को एफएलएन 2026-27 के तहत नामित विद्यार्थियों की सूची तैयार कर समेकित रूप से प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है. विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इस पहल से बच्चों की बुनियादी शिक्षा मजबूत होगी और उनमें पढ़ाई के प्रति रुचि भी बढ़ेगी. साथ ही कमजोर विद्यार्थियों की कमियों को दूर कर उन्हें मुख्यधारा की पढ़ाई से जोड़ा जा सकेगा.

स्कूलों को दिए गए सख्त निर्देश

शिक्षा विभाग ने सभी विद्यालयों को समर कैंप को सफल बनाने के लिए पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ तैयारी करने का निर्देश दिया है. विभाग का मानना है कि यह पहल सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी.

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अभिनंदन पांडेय पिछले दो वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की और दैनिक जागरण, भोपाल में काम किया. वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के हिस्सा हैं. राजनीति, खेल और किस्से-कहानियों में उनकी खास रुचि है. आसान भाषा में खबरों को लोगों तक पहुंचाना और ट्रेंडिंग मुद्दों को समझना उन्हें पसंद है. अभिनंदन ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से की. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को सही तरीके से लोगों तक पहुंचाने की सोच ने उन्हें इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने भोपाल में बॉलीवुड के कई बड़े कलाकारों और चर्चित हस्तियों के इंटरव्यू किए. यह अनुभव उनके करियर के लिए काफी अहम रहा. इसके बाद उन्होंने प्रभात खबर डिजिटल में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की वास्तविक दुनिया को करीब से समझा. बहुत कम समय में उन्होंने रियल टाइम न्यूज लिखना शुरू कर दिया. इस दौरान उन्होंने सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता भी बेहद जरूरी होती है. फिलहाल वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ काम कर रहे हैं. बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में कवर किया, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और वीडियो कंटेंट भी तैयार किए. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और भरोसेमंद खबर पहुंचे. पत्रकारिता में उनका लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और एक विश्वसनीय पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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