[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार पटना बिहार के 213 प्रखंडों में स्नातक तक होगी पढ़ाई, नीतीश सरकार ने नए डिग्री कॉलेज खोलने का लिया फैसला

बिहार के 213 प्रखंडों में स्नातक तक होगी पढ़ाई, नीतीश सरकार ने नए डिग्री कॉलेज खोलने का लिया फैसला

0
बिहार के 213 प्रखंडों में स्नातक तक होगी पढ़ाई, नीतीश सरकार ने नए डिग्री कॉलेज खोलने का लिया फैसला
बिहार सीएम नीतीश कुमार

Bihar Government: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सात निश्चय-3 योजना के तहत बिहार के उन 213 प्रखंडों में नए डिग्री कॉलेज खोले जाएंगे, जहां अब तक उच्च शिक्षा का कोई साधन मौजूद नहीं था. सबसे खास बात यह है कि सरकार ने इन कॉलेजों में इसी साल जुलाई 2026 से स्नातक (Graduation) की पढ़ाई शुरू करने का लक्ष्य रखा है. उच्च शिक्षा विभाग इस योजना को जमीन पर उतारने के लिए युद्ध स्तर पर काम कर रहा है. सरकार के इस फैसले से ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को पढ़ाई के लिए अपने घर से दूर न जाना पड़ेगा.

सरकार ने क्या उपाय निकला

नए कॉलेजों के भव्य भवनों के निर्माण में अभी समय लगेगा, इसलिए सरकार ने एक दूसरा रास्ता निकाला है. जब तक डिग्री कॉलेजों की अपनी बिल्डिंग तैयार नहीं हो जाती, तब तक इन प्रखंडों के प्लस-टू स्कूलों के नए भवनों में कॉलेज की कक्षाएं चलेंगी. शिक्षा विभाग इस बात पर विचार कर रहा है कि स्कूल और कॉलेज की कक्षाओं का समय अलग-अलग रखा जाए ताकि दोनों के संचालन में कोई परेशानी न हो. इन कॉलेजों को संबंधित विश्वविद्यालयों से मान्यता दिलाई जाएगी और इन्हें सरकारी कॉलेज का दर्जा दिया जाएगा.

रोजगार के बेहतर बनेंगे

छात्रों को पढ़ाने के लिए अनुभवी हेडमास्टर की नियुक्ति की जाएगी. इन कॉलेजों में केवल पारंपरिक विषय ही नहीं, बल्कि साइंस, आर्ट्स और कॉमर्स की पूरी व्यवस्था होगी. इसके अलावा, आधुनिक जरूरतों को देखते हुए हर कॉलेज में चुनिंदा वोकेशनल कोर्स के लिए अलग विभाग बनाने का भी प्रस्ताव है. प्रत्येक वोकेशनल विभाग में एक प्रोफेसर और दो सहायक प्रोफेसर नियुक्त किए जाएंगे, जिससे युवाओं को डिग्री के साथ-साथ रोजगार के बेहतर अवसर भी मिल सकें.

बिहार की ताजा खबरों के लिए क्लिक करें

भारी भरकम बजट का हुआ प्रावधान

इस प्रोजेक्ट के लिए राज्य सरकार ने बजट में भारी-भरकम राशि का प्रावधान किया है. उच्च शिक्षा के लिए लगभग 10 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाने का अनुमान है. इसमें नए कॉलेजों की स्थापना के साथ-साथ 55 मौजूदा संस्थानों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करना भी शामिल है. शिक्षा मंत्री सुनील कुमार खुद भूमि चयन और प्रोसेस की निगरानी कर रहे हैं. कई प्रखंडों में जमीन चिन्हित की जा चुकी है.

इसे भी पढ़ें : अंडर-19 वर्ल्ड कप हीरो अब देगा 10वीं बोर्ड परीक्षा, वैभव का एडमिट कार्ड हुआ जारी

मार्च 2026 तक बिदुपुर तक दौड़ेगी गाड़ियां, बिहार की नई लाइफलाइन, 100 की रफ्तार से दौड़ेंगे वाहन

Previous article टिंबर में लगी आग, तीन ट्रक लकड़ी स्वाहा
Next article जयंती पर याद किये गये अमर शहीद जगदेव प्रसाद
Avatar Of Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel