[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार पटना ‘रेड में SDM का क्या काम?’, भरत तिवारी एनकाउंटर पर पूर्व DGP अभयानंद का बड़ा बयान

‘रेड में SDM का क्या काम?’, भरत तिवारी एनकाउंटर पर पूर्व DGP अभयानंद का बड़ा बयान

0
‘रेड में SDM का क्या काम?’, भरत तिवारी एनकाउंटर पर पूर्व DGP अभयानंद का बड़ा बयान
पूर्व डीजीपी अभयानंद

Bharat Tiwari Encounter: भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में बिहार के पूर्व डीजीपी अभयानंद ने कहा कि रेड के दौरान एसडीएम की मौजूदगी समझ से बिल्कुल परे है. अभयानंद ने कहा कि भरत तिवारी के शरीर में कितनी गोलियां लगीं, यह उतना महत्वपूर्ण नहीं है. सबसे ज्यादा जरूरी यह देखना है कि फायरिंग कितनी दूरी से की गई थी. इस बात से ही एनकाउंटर की असली सच्चाई सामने आ पाएगी.

मजमा नहीं था तो एसडीएम वहां क्या कर रहे थे?

पटना में पूर्व डीजीपी अभयानंद ने पुलिस कार्रवाई के नियमों को समझाया. उन्होंने बताया कि पुलिस का एक्शन दो तरह का होता है. पहला तब होता है जब कहीं बड़ी भीड़ हो, कोई प्रदर्शन हो या फिर कानून-व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति हो. ऐसी जगहों पर मजिस्ट्रेट और पुलिस बल दोनों की तैनाती की जाती है. लेकिन भरत तिवारी के मामले में पुलिस सिर्फ एक व्यक्ति को पकड़ने के लिए गई थी. पूर्व डीजीपी ने सवाल उठाया कि यह कोई भीड़ या मजमे वाला मामला नहीं था, तो फिर एसडीएम वहां पुलिस के साथ क्या कर रहे थे.

रेड और क्राइम से एसडीएम का कोई लेना-देना नहीं होता

अभयानंद ने अपने लंबे पुलिसिया अनुभव का हवाला देते हुए कहा कि जब भी किसी मजिस्ट्रेट की तैनाती होती है, तो DM और SP मिलकर एक जॉइंट ऑर्डर जारी करते हैं. उन्हें नहीं पता कि इस मामले में ऐसा कोई आदेश जारी हुआ था या नहीं.

उन्होंने कहा कि किसी भी अपराध की जांच या रेड से एसडीएम का कोई सीधा संबंध नहीं होता है. उन्होंने अपने पूरे करियर में कभी नहीं देखा कि किसी अपराधी को पकड़ने के लिए या रेड मारने के लिए डीएम या एसडीएम पुलिस के साथ गए हों. कानून व्यवस्था संभालने के लिए कभी-कभी डीएम मौके पर रहते हैं, लेकिन यह मामला बिल्कुल अलग था.

एनकाउंटर के पीछे बड़ी साजिश की आशंका

पूर्व डीजीपी ने कहा कि यह मामला उनके दिमाग में कई तरह के सवाल और परेशानी पैदा कर रहा है. उन्होंने आशंका जताई कि इस पूरे मामले के पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है और इस बात से बिल्कुल भी इनकार नहीं किया जा सकता है. अगर जांच करने वाली टीम पूरी ईमानदारी और ठीक ढंग से काम करे, तो सच जल्द ही सबके सामने आ जाएगा.

बिहार की ताजा खबरों के लिए क्लिक करें

कितनी दूरी से गोली चली, यह जानना है सबसे जरूरी

भरत तिवारी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट को लेकर पूर्व डीजीपी ने कहा कि उन्होंने अभी तक वह रिपोर्ट खुद नहीं देखी है. लेकिन उनका मानना है कि मृतक को तीन गोलियां लगीं या पांच, यह बात उतनी मायने नहीं रखती है. जांच में सबसे महत्वपूर्ण बिंदु यह होना चाहिए कि गोली कितनी दूरी से चलाई गई थी, क्योंकि दूरी से ही पूरी तस्वीर साफ हो जाएगी.

इसे भी पढ़ें: बिहार के इस जिले में बनेगा 800 MW का नया पावर प्लांट, बिजली संकट होगा दूर, जानें पूरा प्लान

बिहार टेंडर घोटाले पर तेजस्वी यादव ने सरकार को घेरा, बोले- छोटे कर्मचारियों को फंसाकर बड़े लोगों को बचाया

Previous article 39 की उम्र में मेसी का जलवा, जादुई फ्री-किक का देखें VIDEO
Next article पंचायत विकास दिवस पर सारण की पंचायतों में लगी ग्रामसभा, महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर
Avatar Of Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel