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Home बिहार पटना ‘अपराधियों को मार देना कोई तरीका है?’ सोशल मीडिया पर वायरल हुआ नीतीश कुमार का 3 साल पुराना बयान

‘अपराधियों को मार देना कोई तरीका है?’ सोशल मीडिया पर वायरल हुआ नीतीश कुमार का 3 साल पुराना बयान

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‘अपराधियों को मार देना कोई तरीका है?’ सोशल मीडिया पर वायरल हुआ नीतीश कुमार का 3 साल पुराना बयान
नीतीश कुमार

Bharat Tiwari Encounter: भोजपुर में हुए भरत तिवारी एनकाउंटर ने बिहार की राजनीति में भूचाल ला दिया है. इस मुठभेड़ पर उठ रहे सवालों के बीच वर्तमान सम्राट सरकार कुछ अपने नेता, विपक्ष और मानवाधिकार संगठनों के सीधे निशाने पर आ गई है. विवाद को इतना ज्यादा बढ़ता देख सरकार ने इस पूरे मामले की न्यायिक जांच कराने का फैसला लिया है. इसी सियासी उठापटक के बीच पूर्व सीएम नीतीश कुमार का करीब तीन साल पुराना एक बयान अचानक चर्चा में आ गया है.

अपराधियों का खात्मा कर देना कोई तरीका नहीं- नीतीश कुमार

7 अप्रैल 2023 को नीतीश कुमार ने मीडिया के सामने एनकाउंटर को लेकर एक बड़ा बयान दिया था जो आज के माहौल में बिल्कुल फिट बैठ रहा है. उन्होंने कहा था कि अपराधियों का सफाया करने के नाम पर उन्हें मार देना कोई सही तरीका नहीं है. इसका मतलब तो यह हुआ कि जो भी जेल जाएगा, उसे आप मार देंगे. उन्होंने सवाल उठाया था कि क्या ऐसा कोई नियम बना हुआ है? सजा तय करने का काम सिर्फ और सिर्फ अदालत का होता है, पुलिस का नहीं.

जेल और इलाज के रास्ते में एनकाउंटर को बताया था दुखद

नीतीश कुमार ने अपने पुराने बयान में कहा था कि अगर किसी को फांसी की सजा भी होती है, तो वह कानून के तहत फांसी पर चढ़ता है. लेकिन किसी को जेल से इलाज के लिए ले जाते समय या किसी और काम से ले जाते समय रास्ते में एनकाउंटर कर देना बेहद दुखद बात है. उन्होंने मांग की थी कि ऐसी घटनाओं पर निश्चित रूप से कड़ा एक्शन लिया जाना चाहिए. उनका मानना था कि कोई जेल में है या बाहर जा रहा है, उसे इस तरह बीच रास्ते में मार देना बिल्कुल गलत और दुखद बात है.

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क्या है पूरा भरत तिवारी एनकाउंटर मामला?

बिहार के भोजपुर जिले में पुलिस ने एक एनकाउंटर किया था, जिसमें आरोपी भरत तिवारी की गोली लगने से मौत हो गई थी. घटना के बाद सोशल मीडिया पर कुछ ऐसे वीडियो साक्ष्य वायरल हुए, जिसमें कथित तौर पर सरेंडर करने के बाद भी युवक को गोली मारते हुए देखा गया. इसके बाद पुलिस की थ्योरी पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे और मानवाधिकार उल्लंघन के साथ फर्जी एनकाउंटर के आरोप लगे. चौतरफा सियासी और सामाजिक दबाव के बाद अब बिहार सरकार बैकफुट पर है और मामले की ज्यूडिशियल इंक्वायरी करा रही है.

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परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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