Axis Bank CSR AIIMS Patna : समय से पहले जन्म लेने वाले और गंभीर रूप से बीमार नवजात शिशुओं के बेहतर उपचार की दिशा में एम्स पटना को बड़ी सौगात मिली है. एक्सिस बैंक ने अपनी कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) पहल के तहत एम्स पटना के नवजात शिशु रोग (नियोनेटोलॉजी) विभाग को लगभग 22 लाख रुपये लागत का अत्याधुनिक नियोनेटल इन्क्यूबेटर भेंट किया.
गुरुवार को आयोजित समारोह में एम्स पटना के कार्यकारी निदेशक प्रो. (ब्रिग.) डॉ. राजू अग्रवाल और एक्सिस बैंक के बिहार सर्किल हेड धीरज कुमार राय ने संयुक्त रूप से फीता काटकर मशीन का उद्घाटन किया.
नवजातों को मिलेगा सुरक्षित उपचार
अत्याधुनिक इन्क्यूबेटर समय से पहले जन्मे और कम वजन वाले नवजात शिशुओं के उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. यह मशीन नवजातों के शरीर का तापमान नियंत्रित रखने, संक्रमण के खतरे को कम करने, वजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उन्हें नियंत्रित वातावरण में उपचार उपलब्ध कराने में सहायक होगी.
सीएसआर की भूमिका अहम- कार्यकारी निदेशक
कार्यकारी निदेशक प्रो. (ब्रिग.) डॉ. राजू अग्रवाल ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने में कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व की महत्वपूर्ण भूमिका है. उन्होंने एक्सिस बैंक के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी पहलें आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार करने के साथ-साथ जरूरतमंद मरीजों, विशेषकर नवजात शिशुओं, के जीवन की सुरक्षा में अहम योगदान देती हैं.
समाज के प्रति जिम्मेदारी निभा रहा बैंक
एक्सिस बैंक के बिहार सर्किल हेड धीरज कुमार राय ने कहा कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन बैंक की प्राथमिकताओं में शामिल है. उन्होंने विश्वास जताया कि यह इन्क्यूबेटर अनेक नवजात शिशुओं के जीवन की रक्षा में सहायक सिद्ध होगा और भविष्य में भी एम्स पटना के साथ रोगी हित में जनकल्याणकारी सीएसआर पहलें जारी रहेंगी.
समारोह में एम्स पटना के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रशांत कुमार सिंह, उप निदेशक (प्रशासन) नीलोत्पल बल, डॉ. भबेश कांत चौधरी, डॉ. रिची, डॉ. सौरभ, वित्तीय सलाहकार एवं मुख्य लेखा अधिकारी विशाल कुमार सहित संस्थान के संकाय सदस्य, वरिष्ठ रेजिडेंट, नर्सिंग अधिकारी और अन्य कर्मचारी मौजूद रहे. एक्सिस बैंक की ओर से विशाल कुमार, सुमंत कुमार, भगवती कुमार, प्रीतम सिन्हा समेत कई अधिकारी भी उपस्थित रहे.
कार्यक्रम के अंत में डॉ. भबेश कांत चौधरी ने धन्यवाद ज्ञापन देते हुए कहा कि यह सहयोग नवजात शिशुओं के उपचार को और अधिक सशक्त बनाने में मील का पत्थर साबित होगा.
