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फरक्का बराज समस्या और महानंदा सिंचाई योजना पर बनी सहमति

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फरक्का बराज समस्या और महानंदा सिंचाई योजना पर बनी सहमति

पटना : विधानसभा में जल संसाधन मंत्र संजय कुमार झा ने कहा है कि फरक्का बराज में गाद की समस्या और महानंदा सिंचाई योजना को लेकर पश्चिम बंगाल के साथ सहमति बन गयी है. भुवनेश्वर में हुई पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गंगा में तेजी से बढ़ रही गाद की समस्या को दूर करने के लिए बराज की रेट्रो-फिटिंग और डिजाइन में परिवर्तन करने की बात कही थी. इस पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सहमति भी दी है.

इस समस्या को दूर करने के लिए राज्य के जल संसाधन विभाग के अधिकारियों और पश्चिम बंगाल के अधिकारियों के साथ जल्द ही एक कमेटी बनेगी. यह कमेटी इस मुद्दे का समाधान निकालेगी. विधानसभा में जल संसाधन विभाग के 2020-21 के चार हजार 53 करोड़ का बजट बुधवार को विपक्ष के वॉक ऑउट के बीच पारित हो गया. मंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल के साथ 1978 में हुए समझौता के बाद भी आज तक महानंदा सिंचाई योजना शुरू नहीं हो पायी है. अब इस पर दोबारा प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है .

इससे किशनगंज और आसपास के बड़े इलाके की सिंचाई हो सकेगी. इसके अलावा झारखंड के साथ तिलैया-ढाढर योजना का समाधान निकालने पर खासतौर से योजना तैयार की जा रही है. मंत्री ने कहा कि नदी जोड़ योजना के तहत कोसी-मेची लिंक योजना पर चार हजार 900 करोड़ रुपये खर्च होंगे. इसे राष्ट्रीय योजना घोषित करने के लिए केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय से राज्य सरकार अनुरोध करेगी.

वर्तमान में कोसी : गाद सफाई का प्रस्ताव नहीं : संजय झा

पटना. जल संसाधन मंत्री संजय कुमार झा ने विधानसभा में कहा कि राज्य सरकार के समक्ष वर्तमान में कोसी नदी की गाद सफाई का कोई प्रस्ताव लंबित नहीं है. कोसी नदी अपने प्रवाह के साथ प्राकृतिक रूप से अत्यधिक गाद को बहा ले जाती है. यह औसतन प्रति वर्ष लगभग 950 लाख घन मीटर है. कोसी बराज से कुरसेला तक नदी गाद सफाई तकनीकी और आर्थिक रूप से संभव नहीं है.

बुधवार को जदयू के रत्नेश सदा के अल्पसूचित प्रश्न का जवाब देते हुए मंत्री ने सदन को बताया कि प्रति वर्ष कोसी बराज के 52 किमी अप स्ट्रीम व 125 किमी डाउन स्ट्रीम में सर्वेक्षण का कार्य कराया जा रहा है. सर्वेक्षण के आंकड़ों के आधार पर विश्व बैंक की मदद से बड़े स्तर पर रीवर ट्रेनिंग कार्य कराया जाता है. कोसी उच्च स्तरीय समिति की अनुशंसा पर आवश्यकता अनुसार कोसी बराज के अप स्ट्रीम और डाउन स्ट्रीम में चैनल के कार्य कराकर नदी के बहाव के केंद्रीकृत रखा गया है.

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प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.
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