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मोटे अनाज के उपयोग की दी गयी सलाह

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मोटे अनाज के उपयोग की दी गयी सलाह

पंडारक. आत्मा के सौजन्य से बुधवार को प्रखंड मुख्यालय स्थित इ किसान भवन में एक दिवसीय किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया. कृषि विज्ञान केन्द्र (अगवानपुर) बाढ़ के वरीय कृषि वैज्ञानिक डॉ रीता सिंह , समाज सेवी व कृषक चन्द्रशेखर सिंह, कृषि समन्वयक नीरज कुमार ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया. गोष्ठी में जलवायु के अनुकूल पोषक अनाज की खेती विषय पर कृषि वैज्ञानिक डॉ रीता सिंह ने विस्तार से किसानों को जानकारी दी. उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ खेती में नयी तकनीक अपनाकर किसान अधिक उपज कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि किसान मोटे अनाज रागी, मक्का, ज्वार, बाजरा, मडुआ की अधिक मात्र में खेती करें, क्योंकि इन फसलों की खेती में पानी का कम मात्रा में प्रयोग होता है. साथ ही उन्होंने किसानों को सलाह दी कि मिट्टी जांच कर ही रासायनिक खाद का प्रयोग करें. इसके बदले जैविक खाद, केंचुआ खाद सहित गोबर का अधिक प्रयोग खेतों में करें. इससे खेतों की उत्पादकता बनी रहेगी. उन्होंने महिलाओं को आर्थिक स्थिति सुधारने के मशरूम की खेती करने पर बल दिया. गोष्ठी के दौरान प्रखंड आत्मा अध्यक्ष नंद कुमार ठाकुर ने अतिथियों का स्वागत किया. इस अवसर पर प्रखंड तकनीकी प्रबंधक ओमप्रकाश तथा सहायक तकनीकी प्रबंधक सरोज अमृत प्रिया ने गोष्ठी को संबोधित किया.

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