[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार पटना शहर की सड़कों पर दौड़ रहे 26 हजार इ-रिक्शा , सिर्फ 2851 के पास डीएल

शहर की सड़कों पर दौड़ रहे 26 हजार इ-रिक्शा , सिर्फ 2851 के पास डीएल

0
शहर की सड़कों पर दौड़ रहे 26 हजार इ-रिक्शा , सिर्फ 2851 के पास डीएल

पटना. 26 हजार इ-रिक्शा पटना की सड़कों पर दौड़ रहे हैं. जिला परिवहन कार्यालय, पटना में बीते पांच वर्षों में 26,173 इ-रिक्शा पंजीकृत हुए हैं, जबकि इस अवधि में केवल 1330 लोगों को यहां से इ-रिक्शा का ड्राइविंग लाइसेंस जारी किया गया है. यदि पहले जारी हुए इ-रिक्शा के लाइसेंस को भी शामिल कर लिया जाये, तो 2010 से अब तक कुल 2851 ड्राइविंग लाइसेंस जारी किये गये. यदि यह मान लिया जाये कि तीन-चार हजार ऐसे चालक भी इ-रिक्शा चला रहे हों, जिनके पास लाइट मोटर व्हीकल या हेवी मोटर व्हीकल को चलाने का कॉमर्शियल लाइसेंस हो और किसी वजह से उसको छोड़ कर वे इ-रिक्शा चलाने का काम कर रहे हैं. तब भी कम-से- कम 19-20 हजार चालक पटना शहर और जिले के विभिन्न हिस्सों में बिना लाइसेंस इ-रिक्शा चला रहे हैं. यह कुल चलने वाले इ-रिक्शा का लगभग 75 फीसदी हैं. इनमें भी लगभग 90 फीसदी ऐसे हैं, जो पटना शहर की सड़कों पर दौड़ रहे हैं.

19- 20 हजार बगैर लाइसेंस के चल रहे

प्रभात खबर की टीम ने इ-रिक्शा के चाल क से पूछा कि ड्राइविंग कैसे सीखी तो उनमें से अधिकांश ने कहा कि इ-रिक्शा चलाना भी क्या अलग से सीखने की जरूरत हैं. जिस दिन उन्होंने इ-रिक्शा चलाने का निर्णय किया और उन्हें इ-रिक्शा चलाने के लिए दिया गया उसी दिन से उन्होंने यात्रियों को भी ढोना शुरू कर दिया. कईयों ने तो अपने पहला ट्रिप भी यात्रियों को बिठा कर ही लगाने की बात कही.

बैटरी बचाने के लिए रात में भी नहीं जलाते लाइट :

बैटरी बचाने के लिए कई इ-रिक्शा चालक शाम होने और अंधेरा हो जाने के बावजूद बिना लाइट जलाये इ-रिक्शा चलते दिखा जाते हैं. कई तो देर रात भी ऐसे सड़कों पर बिना लाइट इ-रिक्शा चलाते दिखते हैं, जहां स्ट्रीट लाइट होने से देखने लायक रोशनी रहती है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel