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निर्भया कांड : फांसी के पहले दोषी अक्षय ठाकुर था परेशान, रात में खाने की जगह पी केवल चाय

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निर्भया कांड : फांसी के पहले दोषी अक्षय ठाकुर था परेशान, रात में खाने की जगह पी केवल चाय

पटना : राजधानी दिल्ली में हुए निर्भया गैंगरेप कांड में सात साल के बाद इंसाफ हुआ है. तिहाड़ जेल के फांसी घर में आज सुबह 5.30 बजे निर्भया के चारों दोषियों को फांसी दी गयी. इन दोषियों में विनय, अक्षय, मुकेश और पवन गुप्ता को एक साथ फांसी के फंदे पर लटकाया गया. फांसी के पहले इन दोषियों के हालत के बारे में तिहाड़ जेल DG ने जानकारी दी.

तिहाड़ जेल के DG ने बताया कि दोषी मुकेश और विनय ने रात को खाना खाया था,अक्षय ने सिर्फ चाय पी. विनय थोड़ा रोया था लेकिन चारों शांत थे. उन्हें लगातार कोर्ट के आदेशों की जानकारी दी जा रही थी. उन्होंने आगे कहा कि अगर उनके परिवार मांगते हैं तो उनके शव उन्हें सौंप दिए जाएंगे,वरना उनका अंतिम संस्कार जेल प्रशासन करेगा, यह करना हमारा कर्तव्य है.

आपको बता दें कि निर्भया के चारों दोषियों में से एक दोषी अक्षय ठाकुर बिहार के औरंगाबाद का रहने वाला था. अक्षय के फांसी के बाद बाद उसके गांव लहंग करमा में मातामी सन्नाटा पसरा हुआ है. अक्षय के पिता सरयू सिंह ने कहा कि निर्भया केस के एक दोषी के पिता ने बेटे के कुकर्म पर पर्दा डालने की कोशिश नहीं की थी. 2012 में घटी इस घिनौनी घटना के बाद जब उनका लड़का भाग कर घर आया था तो उसके पीछे-पीछे दिल्ली पुलिस भी पहुंची थी. तब पिता ने बेटे को भगाने के बदले खुद उसे कानून के हवाले किया था. जबकि वो चाहते तो आसानी से अपने बेटे को पड़ोसी देश नेपाल भेज सकते थे.

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