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Home बिहार नवादा कचरे से भरा है मिर्जापुर सूर्य मंदिर का छठ घाट

कचरे से भरा है मिर्जापुर सूर्य मंदिर का छठ घाट

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कचरे से भरा है मिर्जापुर सूर्य मंदिर का छठ घाट

नवादा नगर. नवादा नगर पर्षद क्षेत्र समेत जिलेभर के छठ घाट में से ज्यादातर जगहों पर काई ओर गाद जमे पड़े हैं. शहर के मुख्य और सबसे पुरानी छठ घाट मिर्जापुर सूर्य मंदिर खुरी नदी है. यह छठ घाट आजादी के बाद से ही शुरू किया गया था. जानकार गोपाल प्रसाद बताते है कि 1984 में इस छठ घाट का सूर्य नारायण मंदिर के नाम से सरकारी दस्तावेजों में आया. इससे करीब 30 वर्षों पहले से यहां इस खुरी नदी घाट पर छठ पूजा की जा रही है. 50 वर्ष बाद भी इस घाट पर मंदिर के अलावा छठव्रती के लिए शौचालय की व्यवस्था नहीं हो पायी है. पर्व के समय नगर पर्षद की ओर से अस्थायी शौचालय लगाया जाता है. जबकि, छठ के समय लाखों की संख्या में छठ घाट पर भीड़ उमड़ती है. छठ महापर्व में महज 20 दिन ही शेष हैं. जल्द व्यवस्था दुरुस्त नहीं हुई, तो व्रतियों को अर्घ प्रदान करने में भारी परेशानी होगी. शहर के सबसे प्रमुख छठ घाट मिर्जापुर सूर्य मंदिर परिसर का हाल बेहद खराब है. इस दिशा में भी काफी कुछ बेहतर करने की आवश्यकता जरूरत है. वर्तमान में नदी में पानी जरूर है, लेकिन, अब मानसून की विदाई हो चुका है. ऐसे में पानी का अभाव भी हो सकता है. इस स्थिति में हर वर्ष की तरह पानी का इंतजाम भी करना पड़ सकता है. सबसे प्रमुख छठ घाट का हाल जब ऐसा है, तो सहज ही समझा जा सकता है कि अन्य छठ घाटों की दशा क्या होगी. छठ महापर्व पर नगर परिषद की भूमिका काफी अच्छी रहती है, जबकि जिला प्रशासन भी सीधी रुचि रखता है. इसका लाभ यह होता है कि जल्द बाजी में अर्घ्य पड़ने तक काफी कुछ बेहतर व्यवस्था कर दी जाती है. इस पर नगर पर्षद की मुख्य पार्षद पिंकी कुमारी ने बताया कि शनिवार से मिर्जापुर छठ घाट के साफ-सफाई का कार्य शुरू कर दिया जायेगा. उन्होंने बताया कि पानी में तैरते कचरा व मूर्ति के अवशेष को निकालने का कार्य शीघ्र ही शुरू होगा. इसके बाद छठ घाट की सफाई शुरू होगी. पूर्व चेयरमैन सह समाजसेवी संजय साव भी निजी रुचि लेकर छठ घाटों की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देते रहे हैं. उन्होंने भी अपने स्तर से कार्य को गति देने की बात कही शहरी क्षेत्र में हैं पांच प्रमुख छठ घाट नवादा नवादा शहरी क्षेत्र में पांच प्रमुख छठ घाट हैं. जबकि शेष 20 छठ घाट नगर पर्षद के नये परिसीमन के बाद शामिल हुए क्षेत्रों में हैं. मुख्य पार्षद पिंकी कुमारी ने बताया कि शहरी क्षेत्र में मुख्य रूप से मिर्जापुर सूर्य मंदिर छठ घाट के अलावा शोभपर मंदिर स्थित छठ घाट, गढ़ पर सूर्य मंदिर परिसर स्थित छठ घाट, जबकि मंगरबीघा, मोती बीघा स्थित छठ घाट शामिल हैं. इनके अलावा गोणावां, बुधौल बाइपास पश्चिमी और बुधौल बाइपास पूर्वी छठ घाट व अकौना में अयोध्या धाम छठ घाट और अकौना डीह छठ घाट, देदौर छठ घाट समेत महानंदपुर छठ घाट, मस्तान गंज छठ घाट, फरहा छठ घाट, पांडेयबीघा छठ घाट, नान्हूबीघा छठ घाट, साहेबचक छठ घाट, खेमचंदबीघा छठ घाट, ननौरा छठ घाट, आनंदपुरा छठ घाट आदि पर भी छठ महापर्व पर अर्घ्य प्रदान करने के लिए व्रती बड़ी संख्या में पहुंचते हैं.

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