[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार नवादा कृषि के प्रति युवाओं को आकर्षित करने के लिए योजनाओं की दी जा रही जानकारी

कृषि के प्रति युवाओं को आकर्षित करने के लिए योजनाओं की दी जा रही जानकारी

0
कृषि के प्रति युवाओं को आकर्षित करने के लिए योजनाओं की दी जा रही जानकारी

नवादा कार्यालय. कृषि में युवाओं को आकर्षित करने के लिए योजनाओं पर काम किया जा रहा है. कृषि प्रसार शोध करनेवाले नीतीश कुमार ने बताया कि कृषि के प्रति युवाओं को आकर्षित करने के साथ इससे जोड़ने के लिए समीक्षा कार्यशाला सह प्रोजेक्ट आर्या परियोजना चलाया जा रहा है. इसका उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को विभिन्न कृषि और संबद्ध क्षेत्र की उद्यमशीलता गतिविधियों में सशक्त बनाना और उन्हें शामिल करना है. परियोजना का उद्देश्य कृषि से रोजगार पैदा करना, स्थायी आय के साधन बनाना और ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि और संबद्ध गतिविधियों को विकसित करना है. परियोजना को 2015-16 से भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आइसीएआर) द्वारा इसे बढ़ावा दिया जा रहा है. कृषि विकास केंद्रों (केवीके) के माध्यम से संचालित किया जा रहा है. आगे बढ़ने का मिलेगा अवसर परियोजना के तकनीकी साझेदारों में आइसीएआर संस्थान व कृषि विश्वविद्यालय शामिल हैं. 200-300 ग्रामीण युवाओं की पहचान करके उन्हें उद्यमशीलता और कौशल विकास प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है, ताकि वे मधुमक्खी पालन, मशरूम, बीज प्रसंस्करण, डेयरी, बकरी पालन, मुर्गीपालन, कार्प-हैचरी, वर्मी-कंपोस्ट आदि जैसे क्षेत्रों में सूक्ष्म उद्यम इकाइयां स्थापित कर सके. इसका उद्देश्य गांवों में युवाओं के लिए आर्थिक मॉडल विकसित करना है, ताकि वे कृषि की ओर आकर्षित हों और समग्र ग्रामीण स्थिति में सुधार हो. इसके लिए प्रशिक्षण व अन्य गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel