[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार नवादा फरका बुजुर्ग विद्यालय में अभिभावकों ने ली बच्चों के भविष्य की जिम्मेदारी

फरका बुजुर्ग विद्यालय में अभिभावकों ने ली बच्चों के भविष्य की जिम्मेदारी

0
फरका बुजुर्ग विद्यालय में अभिभावकों ने ली बच्चों के भविष्य की जिम्मेदारी

”हमारा बच्चा, हमारी जिम्मेदारी” थीम पर आयोजित बैठक में जुटी भारी भीड़95 प्रतिशत उपस्थिति और प्रोजेक्ट आधारित पढ़ाई ने पेश की मिसाल

प्रतिनिधि, रजौली

रजौली प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय फरका बुजुर्ग में आयोजित शिक्षक-अभिभावक बैठक ने विद्यालय और समुदाय के बीच एक नई साझेदारी की मिसाल पेश की है. ”हमारा बच्चा, हमारी जिम्मेदारी” थीम पर आयोजित इस बैठक में बड़ी संख्या में अभिभावकों ने हिस्सा लेकर बच्चों के सर्वांगीण विकास का संकल्प लिया. प्रधान शिक्षक शशिकांत नारायण के नेतृत्व में विद्यालय की सूरत बदलती दिख रही है. यहाँ प्रोजेक्टर के माध्यम से ऑडियो-वीडियो आधारित शिक्षण और टीएलएम किट का नियमित उपयोग किया जा रहा है. विद्यालय में स्थापित ”क्रिएटिव पुस्तकालय” बच्चों में पढ़ने की रुचि जगा रहा है. विद्यालय में स्पोर्ट्स कॉर्नर और सुरक्षा के लिए अग्निशामक यंत्रों की भी व्यवस्था की गई है.

सीमित संसाधनों में बड़ी उपलब्धि

निपुण भारत मिशन के तहत किए जा रहे प्रयासों का ही नतीजा है कि विद्यालय में बच्चों की उपस्थिति 95 प्रतिशत तक पहुँच गई है और नामांकन 120 के पार हो चुका है. बैठक में पिरामल फाउंडेशन के जिला प्रोग्राम मैनेजर सुजीत सुमन और गांधी फेलो प्रशांत सोनटक्के ने भी शिरकत की. अतिथियों ने विद्यालय की प्रगति की सराहना करते हुए शिक्षा के साथ स्वास्थ्य और पोषण पर भी बल दिया.

भवन और चहारदीवारी की दरकार

शैक्षणिक उपलब्धियों के बीच विद्यालय कुछ बुनियादी चुनौतियों से भी जूझ रहा है. वक्ताओं और अभिभावकों ने विद्यालय परिसर में भवन की कमी और चहारदीवारी (बाउंड्री) न होने पर चिंता जतायी. ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि यदि इन ढांचागत सुविधाओं को जल्द पूरा कर लिया जाये, तो बच्चों का भविष्य और अधिक सुरक्षित हो सकेगा. कार्यक्रम के अंत में अभिभावकों ने डिजिटल संसाधनों का अवलोकन कर संतोष व्यक्त किया और बच्चों की शिक्षा में पूर्ण सहयोग का भरोसा दिया.

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel