Nawada Praveen Murder Case : नवादा में प्रेम प्रसंग में कोचिंग शिक्षक की हत्या और शव जलाकर साक्ष्य मिटाने के चर्चित मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है. अनुसूचित जाति एवं जनजाति के विशेष न्यायाधीश संजय कुमार मिश्रा ने एक युवती और एक युवक को दोषी ठहराते हुए सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. दोनों पर अर्थदंड भी लगाया गया है.
Nawada News :दो दोषियों को उम्रकैद, 35 हजार रुपये का जुर्माना
अदालत ने पकरीबरावां थाना क्षेत्र के दिओरा गांव निवासी भवानी कुमारी और असमा गांव निवासी सुधांशु कुमार उर्फ छोटू कुमार को हत्या के मामले में दोषी ठहराते हुए आजीवन सश्रम कारावास और कुल 35 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई. फैसला सोमवार को सुनाया गया.
अर्धजला शव और बाइक मिलने से खुला था मामला
विशेष लोक अभियोजक महबूब उद्दीन ने बताया कि मामला नगर थाना कांड संख्या 1320/24 से जुड़ा है. पुलिस को सिसवां गांव से लुटन बिगहा जाने वाले मार्ग पर एक अर्धजला शव और उसके पास एक मोटरसाइकिल मिली थी. वाहन के नंबर के आधार पर मृतक की पहचान धमौल थाना क्षेत्र के ढोढ़ा गांव निवासी प्रवीण कुमार के रूप में हुई, जो नवादा में एक कोचिंग संस्थान में पढ़ाते थे.
प्रेम प्रसंग बना हत्या की वजह
मृतक की भाभी सुलोचना कुमारी के बयान पर अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी. उन्होंने बताया था कि 9 नवंबर 2024 की शाम प्रवीण गांव से नवादा के लिए निकले थे, लेकिन अगले दिन घर नहीं लौटे और उनका मोबाइल भी बंद मिला. पुलिस जांच के दौरान तकनीकी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर खुलासा हुआ कि प्रेम प्रसंग के चलते भवानी कुमारी और सुधांशु कुमार ने मिलकर प्रवीण की हत्या की और पहचान छिपाने के लिए शव को जलाने का प्रयास किया.
हत्या के साथ साक्ष्य मिटाने में भी दोषी करार
अदालत ने अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत गवाहों और साक्ष्यों को पर्याप्त मानते हुए दोनों आरोपितों को हत्या और अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत आजीवन सश्रम कारावास तथा 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई. वहीं साक्ष्य मिटाने के अपराध में सात वर्ष के सश्रम कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माने का भी आदेश दिया. अदालत ने सभी सजाएं साथ-साथ चलाने का निर्देश दिया.
फैसले के बाद दोनों दोषियों को जेल भेजा गया
निर्णय सुनाए जाने के बाद दोनों दोषियों को कड़ी सुरक्षा के बीच मंडल कारा भेज दिया गया.
