वेतन नहीं मिलने से सफाइकर्मियों के सामने भुखमरी की नौबत, प्रशासन की लापरवाही उजागर
फाइलों के फेर में फंसी कर्मियों की मजदूरी, कर्ज के दलदल में डूबे संवेदकप्रतिनिधि, रजौली
सरकार भले ही स्वच्छता को लेकर बड़े-बड़े दावे करे और विज्ञापनों पर पानी की तरह पैसा बहाए, लेकिन धरातल पर प्रशासनिक अधिकारियों की घोर लापरवाही और संवेदनहीनता इन दावों की पोल खोल रही है. रजौली नगर पंचायत में प्रशासनिक शिथिलता का एक ऐसा ही गंभीर मामला सामने आया है, जिसने न सिर्फ पूरे शहर की सफाई व्यवस्था को चरमराने के कगार पर ला खड़ा किया है, बल्कि व्यवस्था को सुचारू रखने वाले सफाईकर्मियों और संवेदक को दाने-दाने को मोहताज कर दिया है. नगर पंचायत में कार्यरत सफाई ठेकेदार ”जय भोले इंटरप्राइजेज” (एनजीओ) को पिछले 11 महीनों से उनके द्वारा किये गये कार्यों की राशि का भुगतान नहीं किया गया है, जिससे स्थिति बेहद विकट हो चुकी है.