130 किमी की दूरी तय करने में अब भी लग रहे पांच से छह घंटे
दोहरीकरण और विद्युतीकरण के बावजूद नहीं बढ़ी रेलगाड़ियों की स्पीडदानापुर रेल मंडल के ”मनमाने” रवैये से पैसेंजर ट्रेनें घंटों खड़ी रहती हैं हॉल्ट पर, यात्रियों में बढ़ रहा आक्रोश.फोटोकैप्शन- गया-हावड़ा एक्सप्रेस का फाइल फोटो..प्रतिनिधि, नवादा कार्यालय
किऊल-गया रेलखंड के इतिहास में पन्ने तो बहुत पलटे गये, लेकिन ट्रेनों की रफ्तार अब भी दशकों पुरानी स्थिति में ही अटकी है. इस रेलखंड के अस्तित्व में आने के 147 वर्ष बीत जाने के बाद भी यात्रियों को गति के नाम पर सिर्फ निराशा हाथ लग रही है. हालांकि, रेलवे ने पुरानी पटरियां बदलकर आधुनिक रैक उपलब्ध करा दिए हैं और ट्रैक को 110 किमी प्रति घंटा की रफ्तार के काबिल भी बनाया गया है, लेकिन हकीकत यह है कि 130 किलोमीटर की दूरी तय करने में अब भी पांच से छह घंटे का समय बर्बाद हो रहा है.