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लिखित समझौते के बावजूद मांगें अधूरी

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लिखित समझौते के बावजूद मांगें अधूरी

राजस्व कर्मचारी आठ दिनों से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर आठ माह की प्रतीक्षा के बाद नवादा समेत पूरे बिहार में आंदोलन तेज प्रतिनिधि, नवादा नगर. नवादा समेत पूरे बिहार में बिहार राज्य भूमि सुधार कर्मचारी संघ संयुक्त संघर्ष मोर्चे के आह्वान पर राजस्व कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गये हैं. नवादा जिले के कर्मचारियों में अपनी लंबित मांगों को लेकर गहरा असंतोष है. उनका कहना है कि दो जून 2025 को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के साथ अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई वार्ता में जो लिखित आश्वासन दिये गये थे, उन पर आठ माह बाद भी अमल नहीं हुआ है. क्या हैं प्रमुख मांगें संघ के अनुसार लिखित समझौते में गृह जिला या आसपास के जिलों में पदस्थापन का विकल्प, वेतनमान 1900 से उत्क्रमित कर ग्रेड पे 2800 लागू करना, पदनाम बदलकर सहायक राजस्व अधिकारी करना, 25 प्रतिशत की जगह 33 प्रतिशत पदोन्नति कोटा निर्धारित करना, इंटरनेट व मोबाइल सुविधा उपलब्ध कराना, क्षेत्रीय जांच के लिए ईंधन व्यय की व्यवस्था, कार्यालयीन संसाधन उपलब्ध कराना, एक लिपिक की प्रतिनियुक्ति तथा लंबित सेवा संपुष्टि अभियान चलाने जैसे महत्वपूर्ण बिंदु शामिल थे. कर्मचारियों का आरोप है कि सेवा संपुष्टि पर सरकार को कोई अतिरिक्त वित्तीय भार भी नहीं पड़ता, फिर भी इसे लंबित रखा गया है. गृह जिला पदस्थापन में भेदभाव का आरोप कर्मचारियों ने गृह जिला पदस्थापन में भेदभाव का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि पंचायत सचिवों को गृह जिला पदस्थापन दिया गया, जबकि राजस्व कर्मचारियों को वंचित रखा गया है. स्टाफ की भारी कमी के कारण एक कर्मचारी को तीन से चार हलकों का प्रभार दिया गया है. इसके अलावा चुनाव ड्यूटी, कृषि गणना, फसल कटनी, फार्मर रजिस्ट्री, आधार सीडिंग, भूमि मापी, आरटीपीएस जांच, लोक शिकायत, न्यायालयीन वाद, अतिक्रमण जांच सहित लगभग 70 प्रकार के कार्यों का दायित्व निभाया जा रहा है. संघ ने उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा तथा विभागीय प्रधान सचिव सीके अनिल की ओर से चलाये जा रहे भूमि सुधार जनसंवाद कार्यक्रम की सराहना की, लेकिन केवल कर्मचारियों पर दोषारोपण को अनुचित बताया. धरने से हड़ताल तक पांच फरवरी 2026 को सभी जिलों में धरना-प्रदर्शन और नौ फरवरी को पटना के गर्दनीबाग में राज्यव्यापी प्रदर्शन के बावजूद सकारात्मक पहल नहीं होने पर 11 फरवरी से कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर हैं. संघ ने ‘नो वर्क नो पे’ के साथ ‘मोर वर्क मोर पे’ लागू करने की भी मांग उठायी है. क्या बोले पदाधिकारी नवादा इकाई के अध्यक्ष नंदन कुमार ने कहा कि विभाग जब स्वयं लिखित समझौता कर चुका है, तो उसे लागू करने में देरी क्यों हो रही है. सचिव अमित कुमार ने नियमावली के विपरीत अन्य कर्मियों से राजस्व कार्य लिए जाने पर गंभीर त्रुटियों की आशंका जतायी है. आंदोलन में अजीत कुमार, कुमार गौरव, मृत्युंजय कुमार, पीयूष कुमार, सुजीत कुमार, अंतिमा कुमारी, नितेश मिश्रा, शंकर, बिजेंद्र कुमार, राहुल राज, आर्यन कुमार, अमलेश कुमार, मो फैयाज आलम, सोनू कुमार, मौसम कुमार, संजीत कुमार, प्रियंका कुमारी, पूजा कुमारी और नरेंद्र कुमार सहित सभी कर्मचारियों ने स्पष्ट कहा है कि जब तक गृह जिला पदस्थापन, 2800 ग्रेड पे और 02 जून 2025 के समझौते की सभी मांगें लागू नहीं होंगी, हड़ताल जारी रहेगी.

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