[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार नवादा ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान

ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान

0
ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान

नारदीगंज में 9.6 मिमी बारिश नारदीगंज. प्रखंड क्षेत्र में मंगलवार की सुबह तेज आंधी के साथ वर्षा और ओलावृष्टि से सब्जी और मूंग की फसलों को भारी नुकसान हुआ. सुबह में सूर्योदय होते ही पश्चिम की ओर से काले-काले बादल आसमान में दिखाई देने लगे. सुबह सात बजे के लगभग तेज आंधी के साथ जोरों की बारिश के साथ ओला पड़ना शुरू हो गया. इसके कारण सभी लोग अपने-अपने घरों में रहना ही उचित समझे. आधे घंटे के बाद वर्षा और आंधी रुकने के बाद जब किसान लोग अपने खेतों की ओर गये, तो फसलों का हालात देख किसान परेशान हुए. ओलावृष्टि के कारण सब्जी, मूंग और आम की फसल को भारी नुकसान हुआ है. प्रखंड क्षेत्र में 9.6 मिली मीटर वर्षा हुई है. किसान नगीना सिंह, कृष्ण कुमार, अनिल सिंह, अखिलेश कुमार सुमन समेत दर्जनों किसानों ने बताया कि मूंग की फसल से धान के उत्पादन का खर्च निकल जाता था. इसके कारण धान की रोपाई में कोई परेशानी नहीं होती थी. जब मूंग की फसल बर्बाद हो गयी है, तो धान की फसल उत्पादन के लिए अलग से पूंजी का इंतजाम करना पड़ेगा. किसानों ने बताया कि 25 मई से रोहनी नक्षत्र प्रवेश कर जायेगा. इसी नक्षत्र से खेतों में धान का बिचड़ा गिरना शुरू हो जाता है. अब किसानों के सामने धान का बिचड़ा खरीदने में भी पूंजी की समस्या आयेगी. वैसे वर्षा होने के कारण दिनों भर मौसम सुहाना रहा. गर्मी से काफी राहत मिली.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel