आज से 22 फ़रवरी तक जिले में चलेगा एफएमडी टीकाकरण अभियान
टीकाकरण के लिए 14 प्रखंडो में 190 टीका कर्मियों को लगाया गया
नवादा कार्यालय.
पशुओं को घातक बीमारियों से बचाने के लिए जिले में सोमवार से एफएमडी (खुरपका-मुंहपका) टीकाकरण की शुरुआत की जायेगी. विभागीय जानकारी के अनुसार, जिले के कुल 5,08,500 पशुओं को यह टीका लगाया जायेगा. यह टीकाकरण अभियान जिले के सभी प्रखंडों में आयोजित होगा, जो दो से 22 फरवरी तक चलेगा. विभाग ने जानकारी दी है कि गाय, भैंस, भेड़ और बकरी में मुख्य रूप से खुरपका-मुंहपका रोग पाया जाता है. यह एक अत्यंत संक्रामक बीमारी है. एफएमडी का टीका लगवाने से इस संक्रामक रोग पर प्रभावी रोक लगती है. खुरपका-मुंहपका रोग होने के कारण दूध उत्पादन में भारी गिरावट आती है. इस बीमारी में पशुओं के मुंह और खुरों में घाव हो जाते हैं और समय पर इलाज न मिलने से कभी-कभी पशुओं की मृत्यु भी हो जाती है. अतः सभी पशुपालकों के लिए अपने पशुओं का टीकाकरण कराना अनिवार्य है.टीकाकरण से होने वाले प्रमुख फायदे
पशुओं (गाय, भैंस, भेड़, बकरी) में खुरपका-मुंहपका टीकाकरण कराने के अनेक फायदे हैं. यह संक्रामक रोग को रोकता है, दूध उत्पादन में भारी गिरावट को बचाता है, खुरों और मुंह के घावों से सुरक्षा प्रदान करता है और पशुओं की अकाल मृत्यु दर को कम करता है. इसके अलावा, यह रोग के प्रसार को नियंत्रित कर पशुपालकों की आजीविका सुरक्षित करता है.एफएमडी टीकाकरण के मुख्य लाभ
बीमारी से बचाव :
एफएमडी वायरस के खिलाफ पशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) को बढ़ाता है, जिससे खुर और मुंह में छाले नहीं पड़ते.उत्पादन में वृद्धि : बीमारी के कारण दूध उत्पादन में होने वाली भारी गिरावट को रोकता है. स्वस्थ पशु से निरंतर दूध मिलता रहता है, जिससे आर्थिक नुकसान नहीं होता.