यशी सिंह अपहरण: सीबीआइ से परिजनों ने कहा, पुलिस ने अनुसंधान में बरती लापरवाही

यशी सिंह अपहरण: सीबीआइ से परिजनों ने कहा, पुलिस ने अनुसंधान में बरती लापरवाही

By Prabhat Khabar News Desk | November 29, 2024 1:19 AM

-सीबीआइ के जेडी राजीव रंजन कर रहे हैं कैंप

मुजफ्फरपुर.

एमबीए छात्रा यशी सिंह अपहरण मामले की जांच सीबीआइ ने तेज कर दी है. सीबीआइ की पूछताछ में परिजनों ने सदर पुलिस पर कई गंभीर आरोप लगाये हैं. परिजनों ने सीबीआइ को बताया है कि सदर पुलिस ने शुरू से ही जांच में शिथिलता बरती है.उनलोगों को केस के संबंध में कोई भी अपडेट जानकारी नहीं दी जाती थी. जब केस के आइओ से कॉलेज से निकलने का सीसीटीवी फुटेज की मांग की थी, तो उसने कहा था कि फुटेज लेने के लिए शुल्क जमा करना पड़ता है. परिजनों का कहना हैकि सीबीआइ जांच से उनलोगों को उम्मीद जगी है कि यशी सकुशल वापस लौटेगे. सीबीआइ के ज्वाइंट डायरेक्टर राजीव रंजन खुद मुजफ्फरपुर में कैंप कर रहे है. उन्होंने परिजनों से यशी के गायब होने से लेकर उसके सीआइडी जांच तक की जानकारी परिजनों से ली है. सीबीआइ एक-एक बिंदु पर फिर से छानबीन कर रही है.

नाना के घर काम करने वालों से होगी पूछताछ

अक्तूबर में इस मामले को सीबीआइ के हवाले किया गया था. सीबीआइ की टीम केस दर्ज करने के बाद पहले भी परिजनों से पूछताछ कर चुकी है. इसके अलावा यशी सिंह के नाना के घर काम करने वाले और उनके घर नियमित आने-जाने वालों की सूची बनायी गयी है. सीबीआइ सभी से बारी-बारी से पूछताछ करेगी. इसके अलावा जिला पुलिस व सीआइडी ने यशी सिंह के अपहरण के बाद जिन- जिन लोगों से पूछताछ की थी. उन सभी लोगों से सीबीआइ के अधिकारी नये सिरे से पूछताछ कर रहे हैं.

20 दिसंबर को हाइकोर्ट में सुनवाई

इस केस में 20 दिसंबर को हाइकोर्ट में सुनवाई होनी है. न्यायाधीश राजीव रंजन प्रसाद इस केस की सुनवाई करेंगे. इस अवधि में सीबीआइ की जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसको हाइकोर्ट में बताना है. सीबीआइ की धमक बढ़ने के बाद से शहर में तरह- तरह की चर्चा हो रही है. लोगों का कहना है कि यशी सिंह अपहरण कांड जो अब तक अबूझ पहेली बनी हुई है, उसको सीबीआइ सुलझा लेगी या नवरूणा और खुशी अपहरण कांड जैसा ही हस्र होगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है