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Home बिहार मुजफ्फरपुर दीदी की नर्सरी से आत्मनिर्भर हो रही महिलाएं, हर महीने 12 लाख की आमदनी

दीदी की नर्सरी से आत्मनिर्भर हो रही महिलाएं, हर महीने 12 लाख की आमदनी

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दीदी की नर्सरी से आत्मनिर्भर हो रही महिलाएं, हर महीने 12 लाख की आमदनी

उपमुख्य संवाददाता, मुजफ्फरपुर मुजफ्फरपुर में महिलाएं अब दीदी की नर्सरी चला कर आत्मनिर्भर हो रही हैं. जिले के 16 प्रखंड में 48 महिलाओं ने दीदी की नर्सरी की शुरुआत की थी. जीविका से जुड़ी 48 महिलाएं हर महीने 12 लाख की आमदनी कर रही हैं. एक महिला को प्रति महीने 25 हजार की आय हो रही है. नर्सरी चलाने वाली महिलाएं पौधों के अलावा बीज भी तैयार कर रही हैं. मुशहरी के जमालाबाद पंचायत की बिंदु देवी व कुढ़नी प्रखंड की शांति देवी ने कहा कि दीदी की नर्सरी की शुरुआत के लिए जीविका की ओर से 50 हजार का ऋण मिला था. उससे नर्सरी की शुुरुआत की. एक साल में ही अच्छा टर्नओवर मिलने लगा. करीब दस कट्ठा में मोहगनी, आंवला, जामुन, कटहल, सागवान, अर्जुन और आम के पौधे लगाते हैं. तीन फुट का पौधा होने पर उसकी बिक्री की जाती है. मुरौल के मणिकपुर इटहा निवासी बबीता राय ने बताया कि जीविका की ओर से नर्सरी की शुरुआत के लिए वन विभाग ने 50 हजार ऋण दिया था. उससे नर्सरी की शुरुआत की.अब इससे अच्छी आय हो रही है.

वन विभाग और मनरेगा के लिए हो रही खरीदारी

दीदी की नर्सरी से वन विभाग और मनरेगा के लिए विभिन्न प्रकार के पौधे की खरीदारी हो रही है. इसके अलावा किसान भी यहां से पौधे की खरीद कर रहे हैं. इससे महिलाओं की आय लगातार बढ़ रही है. जीविका की ओर से लगातार इसका विस्तार किया जा रहा है. जिन महिलाओं के पास गांव में आठ-दस कट्ठा जमीन है, उन्हें प्रशिक्षित कर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है और उनके पौधों की खरीदारी की भी व्यवस्था की जा रही है. इससे जीविका दीदियों का उत्साह बढ़ा है और वह दीदी की नर्सरी से आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं. पिछले दिनों वन विभाग ने भी नर्सरी केलिए सरैया की आभा कुमारी और कनक लता को एक लाख 30 हजार 545 रुपए का चेक दिया था.

दीदी की नर्सरी से जीविका दीदियों को काफी फायदा हो रहा है. हमलोग इच्छुक महिलाओं को नर्सरी चलाने का प्रशिक्षण दिला रहे हैं और उन्हें नर्सरी की शुरुआत के लिए ऋण भी उपलब्ध करा रहे हैं. इससे महिलाओं को काफी फायदा हो रहा है. इस वर्ष प्रत्येक प्रखंड में दीदी की नर्सरी की संख्या बढ़ायी जाएगी

– अनीशा, डीपीएम

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