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Home बिहार मुजफ्फरपुर 10 साल के मासूम विक्रम की चाची ने रची थी हत्या की साजिश, गला रेतने को दिया था पहसुल

10 साल के मासूम विक्रम की चाची ने रची थी हत्या की साजिश, गला रेतने को दिया था पहसुल

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10 साल के मासूम विक्रम की चाची ने रची थी हत्या की साजिश, गला रेतने को दिया था पहसुल

-औराई पुलिस ने निर्मम हत्याकांड का किया खुलासा- चाची समेत तीन आरोपियों को किया गया गिरफ्तार

-हत्या में इस्तेमाल पहसुल व खून से सनी साड़ी बरामद

मुजफ्फरपुर.

औराई थाना क्षेत्र के महरौली में पांच जनवरी को हुए 10 साल के मासूम विक्रम कुमार की गला रेतकर निर्मम हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा कर लिया है. हत्याकांड की मास्टरमाइंड उसकी सगी चाची रागिनी देवी (बदला नाम) निकली है. उसने पड़ोसी प्रह्लाद साह की पत्नी पुनीता देवी और उसके पुत्र विद्यापति कुमार के साथ मिलकर हत्याकांड को अंजाम दिया था. ग्रामीण एसपी विद्या सागर के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. हत्या में इस्तेमाल फसुल को भी बरामद कर लिया गया है. घटना के समय पुनीता देवी जो साड़ी पहनी थी उसको भी जब्त कर लिया है. उसपर खून का धब्बा लगा हुआ है. गिरफ्तार तीनों आरोपियों ने हत्याकांड में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है. पुलिस उनको कोर्ट में प्रस्तुत करके न्यायिक हिरासत में भेजने की कवायद में जुट गयी है.

प्रेमी से अलग होने के बाद बदला लेने को बेताब थी रागिनी

हत्याकांड का खुलासा करते हुए ग्रामीण एसपी विद्या सागर ने बताया कि मृतक विक्रम कुमार की सगी चाची रागिनी देवी (बदला नाम) का उसके छोटे चाचा से शादी के बाद से ही प्रेम प्रसंग था. जिसका विक्रम के पिता घर में बड़े होने के कारण विरोध करते थे. मामला ग्रामीणों के बीच में जब पहुंचा था तो विक्रम के पिता सुशील साह व समाज के लोगों ने दोनों को अलग कर दिया था. प्रेमी देवर को दिल्ली भेज दिया गया था. उसको हिदायत दी गयी थी कि जब तक शादी नहीं होगी, वापस नहीं लौटना है. इसी बात को लेकर रागिनी देवी खुन्नस में थी. वह विक्रम के पिता से बदला लेने के फिराक में थी. इस बीच विक्रम के पिता का पड़ोसी प्रहलाद साह के परिवार से चल रहा जमीन का विवाद भी कभी तनावपूर्ण हो गया था. इसी का फायदा उठाकर रागिनी देवी ने प्रह्लाद की पत्नी व बेटे के साथ मिलकर विक्रम की हत्या की साजिश रची थी.

पतंग खरीदने की बात कह घर से बाहर ले गयी, शॉल में छिपा रखी थी फसुल

रागिनी देवी ने पतंग खरीदने की बात कह घर से विक्रम को बुलाकर ले गयी. प्लानिंग के अनुसार रागिनी देवी को हत्या के लिए औजार लाना था. जब रागिनी देवी को चाकू नहीं मिला तो घर से सब्जी काटने वाला फसुल शॉल में छिपा ली. फिर, विक्रम को अपने साथ लेकर घर से एक किमी दूर प्रह्लाद साह के पुराने पुश्तैनी मकान के अंदर ले गया. वहां पहले से पुनीता देवी व विद्यापति मौजूद थे. फिर, पहले से तय प्लानिंग के अनुसार तीनों ने मिलकर विक्रम की हत्या कर दी.

पुनीता देवी ने विक्रम का गला रेता

मासूम विक्रम का गला उसकी चाची रागिनी के द्वारा लाये गये सब्जी काटने वाला फसुल से रेता गया था. पुनिता देवी ने फसुल से विक्रम का गला रेती थी. इस दौरान रागिनी उसका हाथ से मुंह व पांव दबाकर रखी हुई थी. वहीं, घर के बाहर विद्यापति खड़ा होकर रेकी कर रहा था. लाश को शाम ढ़लते ही ठिकाने लगाने की जिम्मेवारी विद्यापति को थी. लेकिन, परिवार के सदस्य खोजते हुए प्रह्लाद साह के पुराने घर पर पहुंच गये. वहां से विक्रम का शव बरामद हो गया.

परिवार के सदस्य के साथ मातम मनाया

रागिनी देवी ने पुलिस को चकमा देने के लिए जब शव बरामद हुआ तो मां व उसके परिवार की महिला सदस्यों के साथ मातम मनाने में शामिल थी. खूब रो रही थी. लेकिन, पुलिस ने जब मैनुअल व वैज्ञानिक इनपुट पर जांच शुरू की तो पता चला कि घर से विक्रम को लेकर उसकी चाची रागिनी देवी ही निकली थी. उससे पुलिस ने जब पूछताछ की तो पहले कुछ बहाना बनाया. फिर सख्ती से पूछताछ की गयी तो उसने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली. उसके ही निशानदेही पर हत्याकांड में शामिल फसुल को बरामद किया गया.

तीनों आरोपियों का होगा स्पीडी ट्रायल

विक्रम की हत्या में शामिल तीनों आरोपी रागिनी देवी, पुनीता देवी व विद्यापति कुमार की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस उनको स्पीडी ट्रायल चलाकर सजा दिलाएगी. ग्रामीण एसपी विद्या सागर ने बताया कि इस हत्याकांड में प्रह्लाद साह की कोई संलिप्तता नहीं मिली. उसके मोबाइल के टावर लोकेशन को ट्रेस किया तो वह डेढ़ साल से घर नहीं आया था. हत्याकांड में जब्त पहसुल व पुनीता की खून लगी साड़ी उसको एफएसएल जांच के लिए भेज दिया गया है. पुनीता ने साड़ी को धोने की भी कोशिश की थी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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