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सावन में रोज तीन क्विंटल बेलपत्र की होगी खपत

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सावन में रोज तीन क्विंटल बेलपत्र की होगी खपत

-ग्रामीण क्षेत्रों से रोजाना आ रही है खेप मुजफ्फरपुर. सावन शुरू होते ही बेलपत्र की मांग काफी बढ़ गयी है. विभिन्न फूल दुकानदारों के अलावा शिव मंदिरों के पास स्टॉल लगाकर फूल बेचने वाले कारोबारियों ने पहले से ही ऑर्डर दे रखा है. पूरे सावन बेलपत्र की सबसे अधिक मांग रहेगी. बाबा गरीबनाथ मंदिर सहित अन्य शिव मंदिरों में जलाभिषेक करने वाले लोग जल में बेलपत्र डाल कर बाबा को अर्पित करते हैं. इसके अलावा घरों में भी शिवपूजन करते समय या सोमवारी पूजन के व्रत में बेलपत्र की अनिवार्यता हाेती है. बेलपत्र के लिए यहां के फूल कारोबारियों ने ग्रामीण क्षेत्रों के माली को रोज के हिसाब से ऑर्डर दिया है. विक्रेता आशीष कुमार की माने तो सावन में ग्रामीण क्षेत्रों से रोज शहर में तीन क्विंटल से अधिक बेलपत्र की आपूर्ति होगी. ग्रामीण क्षेत्रों से फूलों की सप्लाई करने वाले राजन कुमार ने बताया कि बेलपत्र की डिमांड फूल से ज्यादा होती है. शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में भी इसकी खपत होती है. इस बार भी ऑटो से बेलपत्र की आपूर्ति की जायेगी. फूल व माला के भाव भी बढ़े सावन में फूल व माला के भाव भी बढ़ गए हैं. गुड़हल की तीन-चार कलियां दस रुपये में बिक रही हैं तो वहीं गेंदा की माला 50 से 60 रुपए प्रति पीस बिक रही है. बाजार में मांग के कारण फूलों की कीमत बढ़ी हुई है. फूल विक्रेताओं का कहना है कि कोलकाता से ही गेंदा की फूल की कीमत बढ़ी हुई है. बारिश में फूल खराब होने के कारण महंगी खरीदारी करनी पड़ रही है. इसके अलावा लोकल स्तर पर भी गेंदा का फूल कम ही हैं. भोले बाबा को पसंद है बेलपत्र बेलपत्र भगवान शिव के तीन नेत्रों का प्रतीक है. तीन पत्तियों वाला बेलपत्र भगवान शंकर को अत्यंत प्रिय है. प्रभु आशुतोष के पूजन में अभिषेक व बेलपत्र का प्रथम स्थान है. ऋषियों ने कहा है कि बेलपत्र भोले-भंडारी को अर्पित करना और एक करोड़ कन्याओं के कन्यादान का फल एक समान है.

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