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चमकी बुखार के तीन बच्चे पीकू में भर्ती, सैंपल भेजे

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चमकी बुखार के तीन बच्चे पीकू में भर्ती, सैंपल भेजे

वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर जिले में एइएस के केस बढ़ने लगे हैं. सोमवार को एसकेएमसीएच स्थित पीकू वार्ड में चमकी बुखार के तीन बच्चे भर्ती हुए हैं. पीड़ित बच्चा मोतीपुर बर्जी और सीतामढ़ी के रहनेवाले हैं. सभी का सैंपल लेकर जांच के लिए लैब भेजा गया हैं. एइएस के बच्चे मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव ने सिविल सर्जन को जरूरी निर्देश दिये हैं. स्वास्थ्य विभाग की टीम प्रभावित इलाके में कैंप कर रही है. जिले में तीन और सीतामढ़ी में दो व शिवहर में एक बच्चा पीड़ित होने के बाद इस बीमारी के तेजी से फैलने के संकेत मिल रहे हैं. शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ गोपाल शंकर सहनी ने बताया कि बच्चे का सैंपल जांच के लिए भेजा गया. रिपोर्ट आने पर बीमारी की पुष्टि होगी. अभी बच्चे की स्थिति सामान्य बतायी जा रही है. कहा कि बीमार पड़ने पर अगर बच्चे को सही समय पर इलाज की सुविधा मिले तो उसकी जान बचायी जा सकती है. मार्च से अब तक छह बच्चे एइएस की चपेट में आए हैं. क्या हैं लक्षण पीड़ित मरीजों को काफी तेज दर्द के साथ शरीर ऐंठने लगता है. उन्हें तेज बुखार आता है. कई बार तो बुखार में बच्चे बेहोश हो जाते हैं. कई बार उल्टी होती है और बच्चे के स्वभाव में चिड़चिड़ापन आ जाता है. लेकिन अगर इलाज में देर होने पर बीमारी बढ़ जाए तो दिमाग काम करना बंद कर देता है और वो मतिभ्रम का शिकार हो जाता है. ऐसे करें बचाव बच्चे को धूप से बचाएं. क्योंकि इससे डिहाइड्रेशन हो जाता है और इसकी वजह से बच्चों की रुचि भोजन व पानी में कम हो जाती है.बच्चों को रात में खाली पेट न सोने दें. सोने के समय नींबू पानी, शक्कर अथवा ओआरएस का घोल पिलाएं. चमकी बुखार होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें.

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