[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार मुजफ्फरपुर स्कूलों में अब अपनी समस्याएं साझा कर सकेंगी किशोरियां

स्कूलों में अब अपनी समस्याएं साझा कर सकेंगी किशोरियां

0
स्कूलों में अब अपनी समस्याएं साझा कर सकेंगी किशोरियां

माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में खुलेगा सखी डेस्क किशोरियों की होगी स्वास्थ्य जांच, उनकी समस्या सुनेगी नोडल अधिकारी उपमुख्य संवाददाता, मुजफ्फरपुर सरकारी माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में किशोरियों के स्वास्थ्य, स्वच्छता और उनके समग्र विकास को लेकर एक नयी पहल शुरू होने जा रही है. बिहार शिक्षा परियोजना परिषद् के राज्य परियोजना निदेशक नवीन कुमार ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को किशोरियों के लिये कार्यक्रम संचालन का निर्देश दिया है. इसके लिये स्कूलों में सखी सहायता डेस्क बनाने को कहा गया है. स्कूल के एक विशेष कक्ष या उसके एक हिस्से को चिह्नित कर उसे सजाया जाएगा, जहां छात्राएं अपनी समस्याओं और स्वास्थ्य संबंधी विषयों पर खुलकर बात कर सकेंगी. डेस्क की पहचान के लिए वहां विशेष बैनर और फ्लैक्स लगाये जायेंगे और एक शिक्षिका को उसका नोडल प्रभारी बनाया जायेगा. हर महीने की आठ तारीख को मनेगा किशोरी स्वास्थ्य दिवस छात्राओं को एनीमिया और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से बचाने के लिये स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से स्कूलों में हर तीन महीने पर कैंप आयोजित किये जायेंगे. इसके अलावा प्रत्येक माह की आठ तारीख को स्कूलों में किशोरी स्वास्थ्य दिवस का आयोजन होगा, जिसमें स्थानीय जनप्रतिनिधि और विशेषज्ञ शामिल होकर बालिकाओं को जागरूक करेंगे. इसके लिये प्रत्येक विद्यालय को दस हजार आवंटित किया गया है. सखी डेस्क में किशोरियों की प्रतिभा निखारने के लिये नियमित अंतराल में वाद-विवाद प्रतियोगिता भी करायी जायेगी. 15 जनवरी तक पूरा करना होगा लक्ष्य शिक्षा विभाग ने इस कार्यक्रम को अत्यावश्यक श्रेणी में रखते हुए 15 जनवरी तक सभी आवश्यक प्रशिक्षण और व्यवस्थाएं पूरी कर कार्यक्रम शुरू करने का निर्देश दिया है. प्रत्येक शनिवार को विद्यालय स्तर पर किशोरियों से जुड़ी विशेष गतिविधियां अनिवार्य रूप से आयोजित की जायेंगी. कार्यक्रम की सफलता की जिम्मेदारी नोडल शिक्षक के साथ विद्यालय के प्रधानाध्यापक और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी की होगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel