बाढ़-आग में नष्ट हो गये, शिक्षकों के प्रमाणपत्र जांच में बाधा

teachers' certificate verification hindered

By Navendu Shehar Pandey | November 22, 2025 12:57 AM

वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर

बीआरएबीयू में अनुभव प्रमाणपत्र के वेटेज पर नियुक्त शिक्षकों के दस्तावेज की जांच में बड़ी समस्या सामने आयी है. विश्वविद्यालय प्रशासन ने जब विभागों व कॉलेजों से वेटेज के आधार पर नियुक्त शिक्षकों के रिकॉर्ड मांगे, तो कई शिक्षकों के अहम दस्तावेज उपलब्ध नहीं हो सके. जांच में पता चला है कि कई शिक्षकों के अनुभव, जाति व दिव्यांग प्रमाणपत्र बाढ़ के पानी में बह गये हैं या आग लगने से नष्ट हो गये हैं. इस कारण विवि को रिकॉर्ड जुटाने में मुश्किल हो रही है.

वहीं, करीब दर्जनभर कॉलेजों ने 50 से अधिक शिक्षकों का रिकॉर्ड तो जमा किया है, लेकिन उनमें से लगभग 90 फीसदी रिकॉर्ड का फॉर्मेट अधूरा है. विवि द्वारा भेजे गये 15 बिंदुओं के फॉर्मेट पर पूरी जानकारी नहीं दी गयी है, जिससे जांच प्रक्रिया प्रभावित हो रही है.

बिहार राज्य विवि सेवा आयोग से चयनित शिक्षकों के प्रमाणपत्रों की जांच करके विभाग को रिपोर्ट भेजनी है. आठ नवंबर को पटना में हुई समीक्षा बैठक के दौरान, अपर मुख्य सचिव डॉ बी राजेंदर ने जांच में हो रही लापरवाही को गंभीरता से लिया था और विवि को 15 दिनों में रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था. इसके बाद, विश्वविद्यालय ने 20 नवंबर तक सभी संबंधित प्रमाणपत्रों व सपोर्टिंग डॉक्यूमेंट्स को रजिस्ट्रार कार्यालय में जमा करने को कहा था. मामले में रजिस्ट्रार प्रो समीर शर्मा ने बताया कि जिन शिक्षकों के दस्तावेज मिल गये हैं, उनकी जांच कर रिपोर्ट भेज दी जायेगी, जबकि जिनके दस्तावेज नहीं मिले हैं, उनके बारे में भी विभाग को वास्तविक स्थिति से अवगत करा दिया जायेगा.

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