[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार मुजफ्फरपुर एसकेएमसीएच की अधीक्षक का निलंबन रद्द नहीं हुआ तो आर-पार की लड़ाई

एसकेएमसीएच की अधीक्षक का निलंबन रद्द नहीं हुआ तो आर-पार की लड़ाई

0
एसकेएमसीएच की अधीक्षक का निलंबन रद्द नहीं हुआ तो आर-पार की लड़ाई

दीपक 17

संवाददाता, मुजफ्फरपुर

एसकेएमसीएच की अधीक्षक प्रो कुमारी विभा के निलंबन के विरोध में अस्पताल परिसर में एसकेएमसीएच टीचर्स एसाेसिएशन की बैठक हुई. निर्णय लिया गया कि यदि सरकार निर्णय पर पुनर्विचार नहीं की, ताे हमलाेग अपनी अस्मिता की लड़ाई लड़ने पर बाध्य हाेंगे. इसमें एसकेएमसीएच टीचर्स एसाेसिएशन व डाॅक्टराें काे आइएमए व राज्य इकाई का भी पूरा सहयाेग रहेगा. बता दें कि कुढ़नी की रेप पीड़िता काे पीएमसीएच रेफर करने के दाैरान रेफर करने की प्रक्रिया को लेकर कथित गाइडलाइन उल्लंघन के आरोप में निलंबित कर दिया गया था. मनाेराेग विभागाध्यक्ष सह आइएमए के पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ संजय कुमार ने सरकार के इस कदम को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि सरकार ने कल ही इस मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की थी, लेकिन रिपोर्ट आने से पहले ही अधीक्षक को सस्पेंड कर दिया गया. यह न्यायसंगत नहीं है. यह फैसला न केवल अन्यायपूर्ण है, बल्कि चिकित्सा व्यवस्था और डॉक्टरों के मनोबल पर भी गंभीर प्रभाव डालेगा.

उन्होंने बताया कि पीड़िता जब अस्पताल में भर्ती हुई थी, तब उसकी स्थिति गंभीर थी और ऑक्सीजन सेचुरेशन मात्र 30% था. लेकिन इलाज के बाद जब उसे पटना रेफर किया गया, तब उसकी स्थिति 90% तक स्थिर हो चुकी थी. इलाज की प्रक्रिया में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती गयी थी और रेफरल गाइडलाइन का पूरी तरह पालन किया गया था. एसोसिएशन के प्रेसिडेंट व सर्जरी विभाग के सह प्राध्यापक डॉ विजय भारद्वाज ने भी निलंबन को अन्यायपूर्ण बताते हुए कहा कि यह आरोप कि रेफर करते समय गाइडलाइन का पालन नहीं हुआ, पूरी तरह निराधार है. मरीज की स्थिति में सुधार इसका प्रमाण है कि इलाज प्रभावी था. मरीज के परिजनों को रेफरल की सूचना दी गयी थी और एम्स में स्थान नहीं मिलने पर पीड़िता को पीएमसीएच भेजा गया. इस पूरी प्रक्रिया की जानकारी अधीक्षक स्वयं दे रही थीं. बैठक में डाॅ जेपी मंडल, डाॅ शैलेन्द्र, डाॅ एसके पाठक, डाॅ सुशांत, डाॅ विभा वर्मा, डाॅ आरोही, डाॅ दीपक कर्ण आदि माैजूद थे.

::::::::::::::::::::::

आज काला बिल्ला लगा डाॅक्टर करेंगे प्रदर्शन

एसकेएमसीएच के डाॅक्टर आज काला बिल्ला लगाकर प्रदर्शन करेंगे. डाॅक्टर विराेध मार्च भी निकालेंगे. इसके बाद डाॅक्टर काला बिल्ला लगाकर ही मरीज का इलाज करेंगे. विराेध मार्च में एसकेएमसीएच के डाॅक्टर के अलावा नर्सिंग स्टाफ व अन्य कर्मी भी शामिल हाेंगे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel