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शाही लीची खत्म, अब चायना की विदेशों में भेज रहे

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शाही लीची खत्म, अब चायना की विदेशों में भेज रहे

मुजफ्फरपुर. शाही लीची अब समाप्त हो चुकी है. लीची उत्पादक अब चायना वाली लीची विदेशों में निर्यात कर रहे हैं. शुक्रवार को यहां से चार टन लीची दुबई भेजी गयी. यहां से 15 दिनों तक रोज खाड़ी देशों में लीची भेजी जायेगी. चायना लीची इस बार अच्छी हुई है. लीची उत्पादकों को उम्मीद है कि शाही लीची में हुए घाटे की कुछ हद तक भरपायी चायना लीची से हो सकेगी. इस बार मौसम अनुकूल नहीं रहने के कारण कई बागों में शाही लीची के फल पेड़ों पर ही काले पड़ गये. विदेशों से जितनी लीची की मांग थी, उसका दस फीसदी भी पूरा नहीं हो सका. खाड़ी देशों से ही लीची की इतनी मांग थी कि उत्पादक उसे पूरा नहीं कर पाये. हालांकि चायना लीची भी विभिन्न कंपनियों को पसंद आ रही है और वे यहां से इसे विदेशों में भेज रहे हैं. उत्पादक बबलू शाही ने कहा कि इस बार शाही लीची इतनी खराब हो जायेगी, हमलोगों ने ऐसा सोचा नहीं था. उपज अच्छी नहीं होने के कारण इस बार विदेशों में बहुत कम लीची भेजी गयी है. इजरायली वैज्ञानिक लीची पर कर रहे रिसर्च लीची को अधिक दिनों तक सुरक्षित रखने के लिए इजरायली वैज्ञानिक लीची पर रिसर्च कर रहे हैं. उन्हें उम्मीद है कि रिसर्च के बाद वे लीची को लंबे समय तक सुरक्षित रख पायेंगे. इसका फायदा लीची उत्पादकों को मिलेगा. लीची उत्पादक संघ के अध्यक्ष बच्चा प्रसाद सिंह ने कहा कि पेड़ से तुड़ाई के बाद लीची लंबे समय तक सुरक्षित नहीं रहती है. इस कारण उसे एसी वैन से लखनऊ भेजा जाता है और फिर यहां से हवाई जहाज से विदेश भेजी जाती है. रिसर्च के बाद नयी तकनीक मिलेगी, जिससे हमलोग लीची को लंबे समय तक सुरक्षित रख पायेंगे.

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