पोलियो की दवा दिए बिना घर पर मार्किंग की तो होगी कार्रवाई, स्वास्थ्य विभाग की नई व्यवस्था लागू
Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर में पल्स पोलियो अभियान की निगरानी तेज कर दी गई है. बिना बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाए घर पर मार्किंग करने पर कार्रवाई होगी. छह दिनों में पांच लाख से अधिक बच्चों को दवा पिलाई गई.
Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर में पल्स पोलियो अभियान को पूरी तरह सफल और पारदर्शी बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी व्यवस्था और सख्त कर दी है. अब यदि किसी घर में बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाए बिना दीवार या दरवाजे पर मार्किंग की गई, तो संबंधित स्वास्थ्यकर्मी या टीम के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
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विशेष मॉनिटरिंग टीम करेगी सत्यापन
स्वास्थ्य विभाग ने अभियान की निगरानी के लिए विशेष ऑडिट एवं मॉनिटरिंग टीम गठित की है. नई व्यवस्था के तहत दवा पिलाने वाली टीम के किसी घर से निकलने के तुरंत बाद मॉनिटरिंग टीम वहां पहुंचेगी.
टीम केवल दीवार पर बने निशान की जांच नहीं करेगी, बल्कि परिजनों से सीधे पूछेगी कि बच्चों को वास्तव में पोलियो की खुराक पिलाई गई है या नहीं.
गलत मार्किंग मिली तो होगी कार्रवाई
यदि जांच के दौरान यह पाया जाता है कि किसी घर में बिना बच्चों को दवा पिलाए ही मार्किंग कर दी गई है, तो संबंधित स्वास्थ्यकर्मी या पूरी टीम के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी.
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य अभियान में किसी भी प्रकार की लापरवाही रोकना और हर पात्र बच्चे तक पोलियो की दवा पहुंचाना है.
छह दिनों में पांच लाख से अधिक बच्चों को पिलाई गई दवा
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एस. के. पांडेय ने बताया कि अभियान के पहले छह दिनों में ही जिले के पांच लाख से अधिक बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई जा चुकी है.
उन्होंने कहा कि नई मॉनिटरिंग व्यवस्था लागू होने के बाद कोई भी बच्चा पोलियो की दवा पीने से वंचित नहीं रहेगा.
प्रतिदिन तैयार हो रही फील्ड रिपोर्ट
विशेष मॉनिटरिंग टीम रोजाना घर-घर जाकर मार्किंग का सत्यापन कर रही है. परिजनों से फीडबैक लेने के बाद टीम अपनी रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को सौंप रही है.
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि अभियान का उद्देश्य जिले के प्रत्येक पात्र बच्चे तक ‘जिंदगी की दो बूंद’ पहुंचाना है, ताकि पोलियो मुक्त समाज के लक्ष्य को पूरी तरह हासिल किया जा सके.
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