[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार मुजफ्फरपुर मुजफ्फरपुर: स्पीड पोस्ट की रफ्तार हुई सुस्त, भारी-भरकम चार्ज देकर भी समय पर नहीं मिल रहे पार्सल

मुजफ्फरपुर: स्पीड पोस्ट की रफ्तार हुई सुस्त, भारी-भरकम चार्ज देकर भी समय पर नहीं मिल रहे पार्सल

मुजफ्फरपुर: स्पीड पोस्ट की रफ्तार हुई सुस्त, भारी-भरकम चार्ज देकर भी समय पर नहीं मिल रहे पार्सल
प्रतीकात्मक तस्वीर

मुजफ्फरपुर से कुमार दीपू की रिपोर्ट

Muzaffarpur News: जिले सहित पूरे देश में त्वरित डाक सेवा के लिए शुरू की गई डाक विभाग की ‘स्पीड पोस्ट’ सेवा इन दिनों खुद कछुआ चाल चल रही है. विभाग द्वारा पारंपरिक और सस्ती ‘सामान्य डाक सेवा’ को लगभग बंद किए जाने से उपभोक्ताओं की मुसीबतें बढ़ गई हैं. अब लोगों के पास मजबूरी में प्रीमियम चार्ज देकर स्पीड पोस्ट चुनने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है. इसके बावजूद, उन्हें समय पर डिलीवरी नहीं मिल पा रही है.

महज 200 किलोमीटर की दूरी तय करने में लग रहे 7 दिन

नियम के मुताबिक स्पीड पोस्ट पार्सल को तय दूरी के भीतर 1 से 3 दिनों में पहुंच जाना चाहिए. इसके लिए दूरी के हिसाब से भारी-भरकम चार्ज भी वसूला जाता है. स्थानीय डिलीवरी के लिए 80 से 90 रुपये और लंबी दूरी के लिए 300 रुपये से अधिक का खर्च आता है. लेकिन हकीकत यह है कि महज 200 किलोमीटर की दूरी के लिए भी पार्सल को पहुंचने में 5 से 7 दिन का समय लग रहा है. कंपनीबाग के उपभोक्ता रंजन कुमार ने बताया कि छठे दिन भी पार्सल न मिलने पर जब वे प्रधान डाकघर पहुंचे, तो उन्हें सिर्फ आश्वासन मिला.

बुनियादी ढांचे की कमी और बढ़ता दबाव है देरी की वजह

जानकारों के अनुसार, इस देरी के पीछे मुख्य कारण डाकघरों और छंटाई केंद्रों (सॉर्टिंग हब) में कर्मचारियों की भारी कमी है. इसके अलावा, पार्सल ले जाने वाले वाहनों के रूट और शेड्यूलिंग में तालमेल का अभाव है. सामान्य डाक बंद होने से सारा दबाव स्पीड पोस्ट पर आ गया है, जिसे संभालने के लिए विभाग का बुनियादी ढांचा तैयार नहीं है. कई बार स्थानीय डाकघर में पार्सल पहुंचने के बाद भी डाकिया उसे समय पर डिलीवर नहीं करते हैं.

बोले अधिकारी: आरएमएस से रोज क्लियर होते हैं पार्सल

आरएमएस (RMS) के डिप्टी सुपरिटेंडेंट नवीन कुमार ने बताया कि हर दिन बुक होने वाले स्पीड पोस्ट पार्सल को उसी शाम आगे के लिए रवाना कर दिया जाता है. उन्होंने कहा कि स्पीड पोस्ट के पार्सल को रोकने का नियम नहीं है. अगर कहीं देरी हो रही है, तो संभवतः संबंधित जिले के रास्ते में पड़ने वाले आरएमएस केंद्रों पर तकनीकी कारणों से पार्सल फंस रहा होगा.

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel